कोहरा और सर्द हवाओं से शहर ठिठक सा गया है। दिन में धूप नहीं निकलने के कारण लोग बेहाल हैं। मंगलवार को दूसरे दिन भी बाजार में चहल-पहल कम रही। गर्म कपड़ों की दूकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ने लगी है। ठंड शुरू होने के बाद भी अभी तक कहीं अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है।
जिले में सोमवार के बाद मंगलवार का दिन भी कुहासे के बीच ढंका नजर आया। कोहरे के चलते जहां हाथ पर हाथ नहीं दिखाई दे रहा है वहीं दूसरी तरफ सर्द हवाओं के चलते गलन बढ़ गई है। मंगलवार को दूसरे दिन भी धूप नहीं
निकली। बादलों के छंटने से गलन और बढ़ गई है। ठंड से बचने के लिए लोग गरम कपड़ों में लिपटे दिख रहे हैं। दो दिन पहले तक लोग शाम को ही स्वेटर पहनते थे लेकिन अब स्वेटर, जैकेट के साथ लोग मफलर और टोपी से सिर
और कान ढंकने लगे हैं। ठंड के चलते जनजीवन प्रभावित होने लगा है। सबसे अधिक परेशानी रोज कमाने खाने वालों, रिक्शा चालकों और ढेला खोमचा वालों को हो रही है। दो दिनों से उनका कामकाज ठप है। शहर में कहीं अलाव की
व्यवस्था नहीं होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। गहमर संवाददाता के मुताबिक मंगलवार को दोपहर हल्की धूप हुई, जिसके चलते शाम ढलते ही घना कोहरा छाने लगा। चिकित्सक डॉ. अशोक ने लोगों को सुझाव दिया है कि
वे अपने बच्चों को ठंड से बचाएं। उनका कहना है कि हृदय रोगियों, उच्च रक्तचाप और सांस के मरीजों को विशेष एहतियात बरतना चाहिए क्योंकि उनके लिए ऐसा मौसम घातक हो सकता है।