परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को फिल्मों के माध्यम से लिंगभेद और शारीरिक स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा। मिशन शक्ति-चार के अभियान में ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूल खुलते ही बच्चों सहित अभिभावकों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। सभी विद्यालयों में अभिभावकों को ‘खिलौना’ फिल्म दिखाई जाएगी। इसमें लिंगभेद के खिलाफ जागरूकता और बेटियों के प्रति मान-सम्मान रखने की सीख दी जाएगी।
ग्रामीण परिवारों में बेटियों को पौष्टिक खानपान एवं सुरक्षित रहन-सहन के अलावा शिक्षा, खेल-कूद का समान अवसर देने के लिए जागरूक किया जाएगा। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बाल संसद, मीना मंच के अलावा बालिकाओं के माहवारी प्रबंधन, शारीरिक स्वच्छता, कानूनी जानकारी और बाल अपराधों से बचने के लिए ‘पहेली की सहेली’ फिल्म दिखाई जाएगी। पर्यावरण संरक्षण, योगाभ्यास, शिक्षा का अधिकार, पॉक्सो एक्ट, बाल विवाह, दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा एवं महिला अधिकार संबंधी जानकारियों के लिए समय-समय पर कार्यशाला आयोजित की जाएगी। मिशन शक्ति प्रभारी मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि सभी प्रधानाध्यापकों को फिल्मों के यू-ट्यूब लिंक भेज दिए गए हैं। इसके माध्यम से अभिभावकों और छात्र-छात्राओं को लघु फिल्मों का प्रदर्शन कर उसके सशक्त माध्यम से सभी लोगों को जागरूक किया जाएगा।