बिजली विभाग के कर्मचारी नेता निर्भय नारायण सिंह पर बुधवार की देर रात शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज किए जाने से नाराज कर्मचारियों ने जिला श्रमिक समन्वय समिति के जिलाध्यक्ष अंबिका दुबे के नेतृत्व में गुरुवार को पुलिस अधीक्षक को पत्रक सौंपा। कर्मचारी नेताओं ने दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष जांच कराने और अधिशासी अभियंता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की। मांगें नहीं माने जाने पर कर्मचारियों ने तीन अक्टूबर से क्रमिक अनशन तथा छह अक्टूबर को कामकाज ठप कर हड़ताल पर जाने तक की चेतावनी दी है।
कर्मचारियों ने अपने पत्रक में कहा है कि 27 सितंबर को कर्मचारी नेता निर्भय नारायण सिंह और अधिशासी अभियंता अभिषेक कुमार के बीच किसी बात को लेकर विवाद और हाथापाई हुई थी। इसके बाद एक्सईएन ने कर्मचारी नेता के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी। डीएम संजय खत्री के निर्देश पर देर रात एफआईआर दर्ज कर लिया गया। इसकी सूचना मिलने के बाद कर्मचारी गुस्से में हैं। कर्मचारी नेताओं को आरोप है कि एक्सईएन खुलेआम सुविधा शुल्क मांग रहे थे। विरोध करने पर अपने कार्यालय में कर्मचारी नेता को नौकरी से निकालने की धमकी दी।
इस संबंध में कर्मचारी नेताओं की तरफ से भी कोतवाली में तहरीर दी गई है, लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा दोषी अधिशासी अभियंता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। कर्मचारी एकतरफ कार्रवाई के खिलाफ है। कर्मचारियों ने तीन अक्टूबर से क्रमिक अनशन तथा छह अक्टूबर को कामकाज ठप कर हड़ताल पर जाने तक की चेतावनी दी है।उधर एक्सईएन ने पुलिस को दिए गए तहरीर में आरोप लगाया है कि कर्मचारी नेता उन पर गलत कार्य करने के लिए दबाव डाल रहे थे और ऐसा करने से इंकार करने पर मारपीट पर उतारू हो गए। इसे लेकर कर्मचारियों में नाराजगी कायम है।