हिसार। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले का 23 वर्षीय अंकुश देश की रक्षा करने का सपना आंखों में संजोकर घर से निकला था। कड़ाके की ठंड में बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) भर्ती की फिजिकल परीक्षा पास करने के बाद उसका आत्मविश्वास और हौसला बुलंद था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। हिसार छावनी के कैंप चौक के पास हुए हादसे में मौत से उसका देश सेवा का सपना अधूरा रह गया। जवान बेटे के मजबूत कंधों से बेहतर भविष्य की उम्मीदें लगाए बैठे परिवार टूट गया है। बुधवार को जिला नागरिक अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
हादसा मंगलवार सुबह करीब दस बजे छावनी के गेट नंबर-1 के सामने हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अंकुश सड़क पार कर रहा था, तभी वहां से गुजर रहे एक ट्रैक्टर को पीछे से तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही ट्रैक्टर बेकाबू होकर अंकुश को कुचलता हुआ आगे निकल गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। संवाद
देश सेवा की जिद 1000 किलोमीटर दूर ले आई :
उसके शव को लेने के लिए बुधवार को चंदौली उत्तर प्रदेश से उनके मौसा शिवपूजन, दोस्त लक्की यादव व अन्य लोग पहुंचे। उनके मौसा शिवपूजन ने कहा कि अंकुश के पिता भोलानाथ व मां ममता उसे करीब 1000 किलोमीटर दूर हिसार आने के लिए मना कर रहे थे, लेकिन उसके जहन में बीएसएफ में भर्ती होकर देश सेवा की जिद थी। परिवार में माता-पिता के अलावा बहन सोनी (18) और भाई अमित (15) हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अंकुश बीएसएफ में भर्ती होकर न केवल देश सेवा करना चाहता था, बल्कि अपने परिवार का सहारा भी बनना चाहता था।
अंकुश का परिवार बुधवार सुबह ही हिसार पहुंचा था। जिला नागरिक अस्पताल में रखे उसके शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिवार को सौंप दिया है। मृतक के मौसा शिवपूजन के बयान पर ट्रैक्टर चालक व ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपी चालकों की तलाश कर रही है।
एएसआई दिनेश कुमार, जांच अधिकारी सदर थाना हिसार।