जखनिया ब्लाक के पड़री गांव के एक जीवित व्यक्ति को अभिलेखों में मृत घोषित करने का मामला प्रकाश में आया है। ब्लाक कर्मियों की इस कारस्तानी का खामियाजा पीड़ित को भुगतना पड़ रहा है। हालत यह है कि न्याय के लिए विभागों का चक्कर काटने के साथ ही उसे जीवित होने का प्रमाण भी देना पड़ रहा है। इसका नतीजा यह हुआ है कि उसे किसान सम्मान निधि जैसी योजना से वंचित होना पड़ रहा है।
पड़री गांव निवासी पतंजलि चौबे ने आरोप लगाया कि किसान सम्मान निधि योजना से वंचित करने के लिए विपक्ष के लोगों ने ब्लाक के कर्मचारियों से मिलकर अभिलेख में उसे मृतक दर्ज करा दिया गया है। इससे किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल पा रहा है। तहसील समाधान दिवस से लेकर ब्लाक मुख्यालय और कृषि विभाग के उपनिदेशक के यहां तक गुहार लगाई गई। जीवित होने का प्रमाण सहित तमाम अभिलेख लेकर ब्लॉक मुख्यालय और समाधान दिवस का चक्कर लगा रहे हैं। इसके बाद अभिलेख में जीवित नहीं हो सके हैं। इधर तहसील और ब्लाक के अधिकारी जांच करवाने का हवाला देकर चुप्पी साध ले रहे हैं। पीड़ित ने बताया कि किसान सम्मान निधि की पांच किस्त का भुगतान मिला लेकिन अभिलेखों में नौ माह से मृतक करार देने से अब लाभ से वंचित होना पड़ रहा है। पीड़ित ने जिलाधिकारी से मांग की है कि जांच कराकर ऐसा कृत्य करने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।