गाजीपुर। गाजीपुर महायोजना 2031 को शासन स्तर से मंजूरी मिल चुकी है। मास्टर प्लान के तहत अब 13 किमी क्षेत्रफल में शहर का चारों तरफ विस्तार होगा। इसके लिए लखनऊ में नक्शा भी तैयार हो गया है। इसके अलावा शासन को एक और प्रस्ताव भेजा गया है, जिसके मंजूरी मिलने पर भविष्य में उसे भी महायोजना में शामिल किया जाएगा। वाराणसी-गोरखपुर मार्ग पर भविष्य में औद्योगिक हब विकसित किया जाएगा और जंगीपुर नगर पंचायत समेत 59 गांवों को शहर का हिस्सा बनाया जाएगा।
शहर की बढ़ती आवश्यकता और आबादी को देखते हुए तैयार महायोजना-2031 को शासन स्तर से मंजूरी मिल गई है। अपर मुख्य सचिव डॉ. नितिन रमेश गोकर्ण ने जिलाधिकारी को इस संबंध में पत्र भेज दिया है। हालांकि अभी नक्शा नहीं आया है। लेकिन, लखनऊ में उसे तैयार कर लिया गया है। विभागीय जिम्मेदारों के मुताबिक जल्द ही उसे जनपद को उपलब्ध करा दिया जाएगा, जिससे स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो जाएगी। इसमें 47 गांवों को शामिल किया गया है, जहां नगरीकरण का खाका तैयार करके विकास कार्य कराया जाएगा। इसके साथ ही गंगा के किनारे 200 मीटर के एरिया में किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर रोक लगा दी जाएगी।
महायोजना में शामिल होने वाले ये 47 गांव
महराजगंज, चकशहरुल्लाह, हेतिमपुर, चक शाह गुलाम मुहम्मद, अतरौली, पहाड़पुर, छावनी लाइन, मुगलानी चक, बबेड़ी, सोहिलपुर देहाती, गौंसाबाद, गोंडा देहाती, चक विशंभर, फूलपु, अराजी बाग करीमुल्ला, खोदाईपुरा, बकरजा, सूखदेवपुर, रामपुर उर्फ झिंगुर पट्टी, शाह बरखुर्दार, अकरामपुर, चक सदर, जमलापुर, बाग बेगम साहब, बिंद बलिया, चक फैज, कैथवलिया, रौजा शहाबुद्दीनपुर, अलावलपुर, आलम पट्टी, बाग नुरूल्लाह, बक्सूपुर, महमदपुर, पीथापुर, खजिराबाद, रजदेपुर, कपूरपुर, चकरसूलवारी, मिश्रौलिया, बीकापुर, चौकीज्यूघर, अंधऊ, सोन्हौलिया, चक असमानी, चंदन वाहा, मिठ्ठन पारा, फतेजपुर सिकंदर।