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सहेड़ी में बस में सवार हुए थे दो बदमाश

Tue, 24 Feb 2015 11:14 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
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गवाहों की हत्या को अंजाम देने के लिए बदमाशों ने पूरी योजना बनाई बना रखी थी। उनका योजना का एक ही मकसद था कि देवलास, कमलेश, शैलेश और पंकज की हर हाल में हत्या। शैलेश और पंकज भाग्यशाली रहे लेकिन बदमाशों की गोलियों ने देवलास और कमलेश का काम तमाम कर दिया। बदमाशों के खूनी खेल का तांडव अभी भी वहां से बचकर भागे पंकज की आंखों में साफ दिख रहा है। घटना को याद कर वह सिहर जा रहा है।
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देवलास, कमलेश, शैलेश और पंकज कमलदेव हत्याकांड में गवाही देने के लिए सोमवार की सुबह अपने गांव चकयार मुहम्मद पौटा से बाइक से निकले थे। देवकली ब्लाक चट्टी पर बाइक खड़ी कर सभी बस से गाजीपुर के लिए रवाना हुए। गवाही देने के बाद सभी लंका बस स्टैंड से देवकली के लिए बस से रवाना हुए। पोस्मार्टम हाउस पर आए बदमाशों की गोली से बचे पंकज ने बताया कि सहेड़ी में ही दो बदमाश बस में सवार हो गए। दोनों बस में इधर-उधर घूमते रहे। उन्हें ऐसा करता देख कुछ संदेह हुआ,

 लेकिन फिर लगा कि दोनों सामान्य युवक यात्री हैं। बस के देवकली चट्टी पर पहुंचने पर पंकज सहित देवलास, कमलेश और शैलेश उतरकर बाइक की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान वहां पहले से खड़े चार बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग करना शुरू कर दिया। उन्होंने देवलास (35) और कमलेश (28) को गोलियों से छलनी कर दिया, जबकि शैलेश यादव गोली से घायल हो गया और पंकज ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई। बदमाशों की संख्या अधिक होने और सभी के पास हथियार होने से चट्टी पर मौजूद लोग भी इन्हें नहीं रोक सके और वहां से भाग खड़े हुए। पूरी घटना ये बताने को काफी है कि हत्या के लिए सटीक मुखबिरी हुई थी और इसके लिए जबर्दस्त योजना बनाई गई थी।
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