सुहवल के ताड़ीघाट दलित बस्ती में ठंड से बचने के लिए अलाव तापते।
ठंड के बढ़ने से आम जनजीवन प्रभावित हो गया है। पिछले कई दिनों से लोगों को ठंड की मार झेलनी पड़ रही हैं। छाए बादल लोगों को सूर्य देव से दूर किए हुए है। सर्द हवाओं ने गलन बढ़ा दी है। बुधवार की सुबह तापमान का पारा 12 डिग्री तक पहुंच गया।
वहीं तमाम ट्रेनें घंटों विलंब से चल रही हैं। ठिठुुरन के चलते लोग सर से पांव तक अपने शरीर को ढंकने को मजबूर हो गए हैं। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो ठंड में अभी और इजाफा होगा। पछुआ हवा बहने के कारण ठंड का काफी अहसास हो रहा है। घने कोहरे ने लोगों की परेशानियां कई गुना बढ़ा दी है। हर उम्र के लोग ठंड से परेशान होने लगे हैं। पशु-पक्षियों को दिक्कतें होने लगी है। कुहासे के कारण सड़कों पर वाहन रेंगते हुए नजर आए। शाम ढ़लते ही लोग घरों में घुस जा रहे हैं। इस बीच लोगों ने शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर अलाव जलाने की व्यवस्था करने की मांग प्रशासन से की है।
सुहवलः सर्द पछुआ हवा ने तो लोगों को अपने-अपने घरों में ही दुबकने को मजबूर कर रखा है। तमाम दुश्वारियों के चलते लोगों के हर तरह के कार्यों पर बुरा असर पड़ रहा है। स्कूली छात्र-छात्राएं इस कडाके की ठंड के चलते भी अपने कालेजों में जाने को मजबूर है। इनके अभिभावकों ने विभाग और जिलाधिकारी से मांग किया है कि सभी स्कूल कालेजों को मौसम के सही होने तक बंद कर दिया जाय। इसका असर फसलों पर भी पड़त दिख रहा है। गर्म कपडों की बिक्री काफी बढ़ गई है। लोग जगह-जगह स्वत: अलाव जलाकर इस गलन से बचने की कोशिश में लगे रहे। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, प्रमुख सार्वजनिक चौराहों पर लोग ठिठुरते नजर आ रहे है। वाहनों से हमेशा गुलजार रहने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग 24/97 जमानियां गाजीपुर सैयदराजा मार्ग और ताड़ीघाट-बारा मार्ग एक दम सूनसान दिखाई पड़ा।