जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में यूनियन बैंक में कैश न पहुंचने और ग्राहकों को न मिलने से लोगों को गुस्सा भड़क उठा। नंदगंज, कासिमाबाद तथा शादियाबाद यूनियन बैंक पर पहुंचे ग्राहकों को जब जानकारी हुई की बैंक में पैसा नहीं है, तो आपे से बाहर हो गए और सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने-बुझाने पर किसी तरह जाम समाप्त हुआ।
शादियाबाद ः यूनियन बैंक में कैश न होने से बसपा नेता बदरूद्दीन शास्त्री ग्राहकों के साथ सुबह आठ बजे से ही बैंक के गेट पर धरने पर बैठे गए। बैंक के बाहर सैकड़ों की भीड़ इकट्ठा हो गई। बैंक नहीं खुलने से कुछ लोगों को पैसे जमा करना था। खातेदारों ने बैंक से पैसा नहीं मिलने के कारण बैंक के सामने थाने के पास जाम लगा दिया। बैंक के शाखा प्रबंधक परमजीत सिंह के समझाने पर जाम समाप्त हुआ।
नंदगंज और कासिमाबाद क्षेत्र में भी ग्राहकों का गुस्सा फूट पड़ा था। नंदगंज कस्बा यूनियन बैंक नंदगंज तथा सिधाघरघाट यूनियन बैंक में कैश न होने से सैकड़ों ग्राहकों ने चक्काजाम कर दिया। नंदगंज में वाराणसी-गाजीपुर मार्ग को करीब एक घंटे तक जाम रहा। यहां पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर जाम खत्म कराया। जबकि कासिमाबाद तहसील क्षेत्र में कासिमाबाद-सिधाघरघाट मार्ग को लोगों ने जाम कर दिया था। पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर जाम खत्म कराया।
सुहवलः ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी लोगों को इस गंभीर समस्याओं से निजात नहीं मिलती दिख रही है। बैकों के खुलने से पहले ही लोगों की सुबह से ही बैकों के बाहर काफी लंबी कतार लग जा रही है। कतार में महिलाओं, पुरूषों, छात्र-छात्राएं सहित पेंशनभोगियों देर शाम तक घंटों इंतजार के बाद निराश होकर घरों को लौट जा रहे है।
बुधवार को रेवतीपुर स्थित यूनियन बैंक आफ इंडिया की शाखा तो खुली लेकिन कर्मचारी अंदर से चैनल बंद कर देने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों ने बैंक का ताला तक नहीं खोला, लोग देर शाम तक बाहर ही बैठे रहें। वहीं क्षेत्र के सुहवल स्थित बैंक आफ इण्डिया ,ग्रामीण बैंक, रेवतीपुर स्टेट बैंक आदि में लोगों को कुछ हद तक नगदी मिलने से परेशानी दूर होती दिखाई पड़ी। यूनियन बैंक आफ इण्डिया के क्षेत्रीय प्रबंधक गोवाबंधु त्रिपाठी ने कहा कि इसकी जांच कराई जाएगी।
जखनियाः कस्बा के यूनियन बैंक शाखा खोलने से पूर्व ही ठंड के मौसम में भी कई सौ की संख्या में भीड़ मुख्य गेट सहित भुड़कुड़ा मार्ग तक कतार में खड़ी हो गई। गेट पर बैंक में रुपया नहीं होने की सूची चस्पा करने के बाद भीड़ कोसते हुए निराश होकर वापस लौट गए। अधिकांश महिलाएं रुपये को जिला मुख्यालय से आने की आस में देर शाम तक बैठी रही। किसान महंगू, श्यामू और बलदेव ने कहा कि रुपये नहीं मिलने से अब खाद-बीज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।