गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर इन दिनों बंदरों का आतंक है। झुंड में विचरण करते बंदरों की नजर हर वक्त यात्रियों के सामान पर लगी रहती है। पलक झपकते ही बंदर यात्रियों का सामान लेकर गायब हो जाते हैं। बंदरों की धमाचौकड़ी के कारण महिला यात्री अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर हर वक्त सशंकित रहती हैं।
जिला मुख्यालय स्थित सिटी रेलवे स्टेशन जनपद का महत्वपूर्ण स्टेशन है। यहां से मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, जम्मू, दुर्ग, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर, लखनऊ, छपरा, दरभंगा आदि शहरों के लिए प्रतिदिन औसतन दो हजार यात्री यात्रा करते हैं। वाराणसी-छपरा रेलखंड पर कुल 120 ट्रेनों का संचालन होता है।
इनमें 80 एक्सप्रेस, 20-20 पैसेंजर और मालगाड़ियां शामिल हैं। लेकिन, यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे प्रशासन बेपरवाह बना हुआ है। सिटी रेलवे स्टेशन आने वाले यात्री हर वक्त बंदरों को लेकर सहमे रहते हैं। बंदरों की समस्या महीनों से बनी हुई है। इसके बावजूद रेलवे प्रशासन मूकदर्शक बना है।
पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि मामले को संज्ञान में लिया जाएगा।
प्लेटफाॅर्मों से लेकर फुट ओवरब्रिज तक बना है बसेरा
बंदरों के झुंड का बसेरा सिटी रेलवे स्टेशन के प्लेटफाॅर्म से लेकर टीन शेड, फुट ओवरब्रिज तक बने रहते हैं। इनकी उछल-कूद से यात्रियों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। टीनशेड पर बैठे बंदर ऊपर से अचानक छलांग लगाकर पल भर में यात्रियों के हाथ से थैला और अन्य सामान छीन लेते हैं।