गाजीपुर। मऊ के विधायक मुख्तार अंसारी गैंग के अलावा जिले में दस और नए माफिया चिह्नित किए गए। इनकी सूची शासन को भेज दी गई है। इन पर गलत तरीके धन कमाने एवं अपराध में संलिप्त होने का आरोप है। शासन की हरी झंडी मिलते ही इन माफियाओं पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जिला एवं पुलिस प्रशासन अंदर ही अंदर तैयारी में जुट गया है। इतना ही नहीं इनके खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
जिले में संगठित अपराध एवं अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए जिला एवं पुलिस प्रशासन ने बीते वर्ष मऊ के विधायक मुख्तार अंसारी से जुड़े लोगों व सहयोगियों को चिह्नित किया था। उनके द्वारा अवैध रूप से कब्जा किए गए सरकारी भूमि को भी मुक्त कराया। साथ ही उनके सहयोगियों का करीब 44 से अधिक शस्त्र लाइसेंस निलंबित करने के साथ विभिन्न थानों में शस्त्रों को जमा कराया गया। साथ ही उनकी पत्नी सहित दो पुत्रों व साले के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर करने की कार्रवाई की गई। अवैध रूप से बनाए गए भवनों को भी ध्वस्त कराया गया। इससे अपराधियों में हड़कंप की स्थिति बनी रही। यहीं लंबे समय से फरार चल रहे एक लाख के इनामिया शिव बिंद व वांछित को सलाखों के पीछे भेजने का काम किया। ऐसे में कई शातिर अपराधी पुलिस से बचने के अंडर ग्राउंड हो गए, लेकिन पुलिस की लगातार सक्रियता ने इन्हें जेल भेजा। ऐसे में मुख्तार अंसारी के अलावा नए साल में पुलिस प्रशासन ने जनपद के दस ऐसे माफियाओं को चिह्नित किया है, जो कम समय में ही धन कमाने के साथ अपराध की दुनिया में सक्रिय रहे हैं। अब इनकी सूची तैयार करने के साथ जहां रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। वहीं पुलिस टीम अंदर ही अंदर उनके खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्जकर कार्रवाई शुरू कर दी है। ऐसे में पुलिस द्वारा की गई जा रही इस कार्रवाई में अपराधियों के बीच एक बार फिर खलबली मची है।
-जिले में दस नए माफियाओं को चिह्नित किया गया है। साथ ही सूची शासन को भेज दी गई है। इनके खिलाफ कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। अपराध व अपराधियों के खिलाफ पुलिस टीम लगातार शिकंजा कस रही है।- डा. ओपी सिंह, एसपी।