गाजीपुर। कोरोना संक्रमण काल के दौरान लगभग छह माह पहले शहर के छावनी लाइन स्थित एक निजी विद्यालय में बने अस्थाई जेल की सुविधा अब समाप्त कर दी गई है। यहां मौजूद कुल 95 बंदियों को जिला कारागार भेज दिया गया है। साथ ही कोरोना पॉजिटिव होने से बंदी मरीजों के लिए अलग बैरक की व्यवस्था की गई है। जेल में पूरी सतर्कता के साथ अब एहतियात भी बरता जा रहा है। वर्तमान समय में नौ बंदी कोरोना संक्रमित हैं, इनका उपचार जिला कारागार के अस्पताल में ही हो रहा है।
जिले में मार्च माह के अंतिम सप्ताह से कोरोना संक्रमण काल ऐसा शुरू हुआ कि धीरे-धीरे जनपद को अपने आगोश में लेना शुरू कर दिया। स्थिति यह हो गई मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि होनी शुरू हो गई। ऐसे में शासन के निर्देश पर शहर के छावनी लाइन स्थित एक निजी विद्यालय को बीते मई माह अस्थाई जेल बनाया गया है। विभिन्न थाना क्षेत्रों की पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों एवं अपराधियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाता था। वहां से पुलिस उन्हें जिला कारागार ले जाने के बजाए सीधे अस्थाई जेल में लेकर आते थे। यहीं डाक्टरों की टीम प्रत्येक आने वाले आरोपियों की पहले कोविड जांच करती थी। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर तो ऐसे बंदियों को अस्थाई जेल में ही रखा जाता था। जबकि निगेटिव आने वाले बंदियों को जिला कारागार में स्थानांतरित कर दिया गया था। अस्थाई जेल के संचालन के लिए डिप्टी जेलर के अलावा कड़ी सुरक्षा के भी बंदोबस्त किए गए थे।