बलिया/बेल्थरारोड। बेल्थरारोड क्षेत्र के प्रसिद्ध सोनाडीह मेला में बुधवार को प्रशासन के मनमानी के विरोध में मेला प्रबंधक द्वारा मां भागेश्वरी परमेश्वरी मंदिर का कपाट करीब एक घंटे तक बंद रहा। इस दौरान मेले में लगे झूले, नाव, ब्रेक डांस, मौत का कुआं समेत अन्य मनोरंजन के स्टॉल भी बंद हो गए। मेले में आए श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। महिलाओं और श्रद्धालुओं ने मजबूरन मंदिर के मुख्य गेट पर ही दर्शन पूजन किया।
मंदिर के पुजारी अमरेंद्र पांडे ने प्रशासन पर सुविधा शुल्क के लिए दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया। वहीं झूला संचालकों का कहना है कि पुलिस प्रशासन ने उनके साथ असहयोग और दुर्व्यवहार करते हुए जबरन झूले व अन्य मनोरंजन के स्टॉल बंद करवा दिए, जिसके कारण झूला और अन्य स्थल से मेलार्थियों का पैसा वापस करना पड़ा। मेला प्रबंधक के विरोध के बाद कुछ पुलिसकर्मी स्वयं मौके पर पहुंचे और झूले को दोबारा चालू कराए, जिसके बाद मेला संचालन फिर से सामान्य हो सका।
घटना को लेकर मेले में आए श्रद्धालुओं और दुकानदारों में प्रशासन के रवैये को लेकर नाराजगी देखी गई। मधुबन मऊ निवासी मेलार्थी प्रेम प्रकाश ने बताया कि वे सोनाडीह मंदिर में पूजन के लिए आए है लेकिन मंदिर का मुख्य गेट बंद होने से काफी निराश है। वही मंदिर पुजारी अमरेंद्र पांडे ने मेला में संचालित अस्थाई पुलिस चौकी इंचार्ज पर मेला में असहयोग का गंभीर आरोप लगाया। सीओ रसड़ा आलोक गुप्ता ने कहा कि मेला प्रबंधक का दावा करते हुए कुछ लोगों ने चर्खी को बंद करवाया था, इसकी जानकारी होने पर तुरंत पुलिस पहुंच चर्खी व अन्य मनोरंजन के साधन को चालू करवाया। सुरक्षा को लेकर पुलिस बल तैनात है।