गाजीपुर। शहर में प्रमुख रूप से 12 तिराहे और चौराहे हैं। इन स्थानों पर प्रतिदिन जाम की समस्या बनी रहती है। सुबह से लेकर देर रात तक यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की जिम्मेदारी यातायात कर्मियों के कंधों पर होती है। जिले में 92 यातायात कर्मी हैं, जबकि शहर में 74 कर्मी तैनात हैं। वर्तमान में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास है। ऐसे में कड़ी धूप और भीषण गर्मी के बीच यातायात कर्मी शहर को जाम से राहत दिलाने के लिए लगातार ड्यूटी कर रहे हैं। हालांकि, उनकी सुविधा के लिए शहर में एक भी ट्रैफिक बूथ नहीं है।
चिलचिलाती धूप और प्रचंड गर्मी से बचने के लिए लोग एसी, कूलर और पंखों का सहारा ले रहे हैं। कुछ देर के लिए बाहर निकलने वाले लोगों का भी कहना है कि ऐसा लग रहा है मानो पूरा शरीर झुलस जाएगा। वहीं दूसरी ओर यातायात कर्मी इस प्रतिकूल मौसम में भी पूरी निष्ठा से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। शहर में जाम न लगे, एंबुलेंस समय से अस्पताल पहुंच सके और आमजन को परेशानी न हो, इसके लिए वे आग बरसाती धूप में भी डटे रहते हैं।
त्योहारों में बढ़ जाती है चुनौती
पर्व-त्योहारों और प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान यातायात कर्मियों की चुनौती और बढ़ जाती है। शहर की रफ्तार थमे नहीं, इसके लिए प्रशासन यातायात कर्मियों पर ही निर्भर रहता है। इसके अलावा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, सार्वजनिक कार्यक्रमों और वीआईपी मूवमेंट के दौरान भी यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की जिम्मेदारी इन्हीं के कंधों पर होती है।
शहर के प्रमुख तिराहे और चौराहे
सैनिक चौराहा
लंका
स्टेशन रोड
मिश्र बाजार
महुआबाग
विशेश्वरगंज
कचहरी
सिंचाई विभाग चौराहा
गोराबाजार
ट्रैफिक बूथ बन गया पिंक बूथ
यातायात कर्मियों की सुविधा के लिए करीब सात वर्ष पहले शहर के लंका क्षेत्र में नगर का इकलौता ट्रैफिक बूथ बनाया गया था। लेकिन 27 जनवरी 2024 को इसे पिंक बूथ में परिवर्तित कर दिया गया। इसके बाद से यातायात कर्मियों को अधिकांश समय सड़क पर ही खड़े होकर ड्यूटी करनी पड़ रही है।
केस नंबर-1
महुआबाग चौराहे पर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज को पुलिस भर्ती परीक्षा का केंद्र बनाया गया है। सामान्य दिनों में भी यह चौराहा व्यस्त रहता है, लेकिन परीक्षा के दौरान यहां यातायात का दबाव और बढ़ गया। विशेष रूप से परीक्षा समाप्त होने के बाद परीक्षार्थियों और अभिभावकों की भीड़ के कारण जाम की स्थिति बन गई। चिलचिलाती धूप के बीच यातायात कर्मी व्यवस्था संभालते नजर आए।
केस नंबर-2
शहर का लंका क्षेत्र अत्यंत व्यस्त इलाका है। इसके पास ही सिटी रेलवे स्टेशन स्थित है। साथ ही यहां निजी बस और ऑटो स्टैंड भी हैं। यह मार्ग वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन को सीधे जोड़ता है। इसी कारण यहां प्रतिदिन वाहनों और लोगों की भारी आवाजाही रहती है। इसके बावजूद इस महत्वपूर्ण चौराहे पर ट्रैफिक बूथ की व्यवस्था नहीं है।
लोगों की राय
गर्मी से बचने के लिए आम आदमी तरह-तरह के उपाय कर रहा है। लेकिन यातायात कर्मियों के लिए ट्रैफिक बूथ नहीं होना अमानवीय है। सभी प्रमुख चौराहों और तिराहों पर बूथ होना चाहिए।-आसिफ खान, महुआबाग
शहर की यातायात व्यवस्था को पटरी पर रखने में यातायात कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। ऐसे में उनकी सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।- प्रभात अग्रवाल, नियाजी
यातायात कर्मियों की मेहनत के कारण ही हम लोग पर्व और त्योहार सुचारु रूप से मना पाते हैं। ऐसे में उन्हें बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।-प्रतिमा यादव, आमघाट
शहर के हर चौराहे और तिराहे पर ट्रैफिक बूथ होना चाहिए। इससे यातायात कर्मियों को हर मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से राहत मिलेगी।-सतीश उपाध्याय, वैद्य टोली, रायगंज
शहर के प्रमुख तिराहों और चौराहों पर ट्रैफिक बूथ बनाने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।-डीके राय, ईओ, नगर पालिका परिषद, गाजीपुर।
शहर के विशेश्वरगंज चौराहे पर तेज धूप में ट्रैफिक को नियंत्रित करता यातायात कर्मी। संवाद- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी