आसमान में बुधवार को तीसरे दिन बादल छाए रहे। भोर में हल्की बूंदाबांदी भी हुई। पारा एक दिन में तीन डिग्री तक गिर गया है। छह किलोमीटर की रफ्तार से चलने वाली पछुआ हवाओं ने सर्दी के तीर को और मारक बना दिया था। गलन की चुभन से लोग दिन भर परेशान रहे। सड़कों पर कीचड़ और फिसलन हो गई है, जिससे राहगीरों को मुश्किल हो रही है।
बूंदाबांदी और बादलों की वजह से अधिकतम तापमान तो 18 डिग्री के स्तर पर बना रहा लेकिन न्यूनतम तापमान में 24 घंटे में तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। पारा 10 से घटकर सात डिग्री सेल्सियस के स्तर पर पहुंच गया। सुबह हल्का कोहरा भी छाया रहा, जिसके चलते यातायात प्रभावित हुआ।
बसें देर से पहुंची। ठंड का एहसास गहरा होने की वजह से लोग घरों से बाहर नहीं निकले। प्रशासन ने स्कूलों में गुरुवार तक की छुट्टी घोषित कर दी है। ऐसे में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। न बच्चे स्कूल गए और कम ही खरीददार बाजार करने निकले।
सीजन में पहली बार गर्म कपड़ों की दूकान पर जरूर भीड़ देखी गई। ऐसे मौसम में भी कई जगह अलाव नहीं जलाया जा रहा है। रेवतीपुर, मुहम्मदाबाद, बिरनो, मरदह, जमानिया, करंडा, आदि कई सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नहीं होने की शिकायतें मिल रही हैं।
एसडीएम जमानिया धीरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि राजस्वकर्मियों गांवों में अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। कहीं अलाव नहीं जलने की शिकायत मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी। महुआबाग, लंका, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन पर अलाव जल रहे हैं लेकिन पचरस्ता, बड़ीबाग चुंगी, रेलवे स्टेशन चौराहा, कचहरी चौराहा आदि नगर पालिका की ओर से अलावा की व्यवस्था नहीं की गई है।