हजरत शाहनिंद पीर गाजी रहमतुल्लाह अलैह का 716 वां सालाना उर्स मंगलवार को पूरी अकीदत के साथ मनाया गया। सुबह बाद नमाज फजर कुरानख्वानी हुई और उसके बाद जायरीनों के शाहनिंद पीर की मजार पर मत्था टेकने का क्रम देर रात तक चलता रहा। दस बजे मिलादुन्नबी और चार बजे चादरपोशी हुई।
उर्स के दिन पूरे क्षेत्र में मेला लगा रहा, जिसमें महिलाओं एवं बच्चों ने जमकर खरीदारी किया। दिन में तेज धूप के चलते दोपहर में मजार पर भीड़ में कुछ कमी दिखी। वैसे गर्मी को देखते हुए रास्ते में जगह जगह प्याउ की व्यवस्था थी जहां पानी और शरबत पिलाया जा रहा था। सुबह और शाम को भारी संख्या में लोगों की भीड़ मजार पर मत्था टेकने के लिए पहुंची जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस के साथ आयोजन समिति के वालेंटियरों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
उर्दू की 11 रजब को प्रति वर्ष मनाये जाने वाले इस उर्स में आसपास के जनपदों मऊ, आजमगढ़, बलिया, वाराणसी, चंदौली एवं बिहार से भी भारी संख्या में जायरीन यहां पहुंचते हैं। ऐसी मान्यता है कि शाहनिंद पीर की मजार पर सच्चे मन से मन्नत मांगने वालों की मन्नत जरूर पूरी होती है। सुबह पूर्व सांसद अफजाल अंसारी, विधायक शिबगतुल्लाह अंसारी, पूर्व नपा चेयरमैन शमीम अहमद, ताबीस सहित भारी संख्या में जायरीनो ने मजार पर मत्था टेका एवं दुआख्वानी की। आयोजन समिति के अध्यक्ष मुल्तान राईनी, जूल्लू, कुर्बान राईनी, अनवर राईनी आदि लोग उर्स को सफल बनाने में पूरे मनोयोग से लगे रहे।