गाजीपुर। विभिन्न मांगों को लेकर माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासंघ ने मंगलवार को विकास भवन में धरना-प्रदर्शन किया। इस मौके पर प्रदेश महासचिव डा. कृष्णमोहन यादव ने कहा कि माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक लंबे समय से 21000 विद्यालयों में कार्यरत लगभग साढ़े तीन लाख शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन सरकार मांग पूरी नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हो रहा है कि सरकार शिक्षकों के लिए मानदेय पारिश्रमिक 15000 मासिक देना सुनिश्चित कर रही है, जो स्वागत योग्य है, लेकिन धनराशि देने की जिम्मेदारी शुल्क के माध्यम से प्रबंधकों पर थोप रही है। जबकि यह विद्यालय प्रदेश के अति पिछड़े ग्रामीण इलाकें में स्थापित है। यहां प्रति व्यक्ति निम्न आय होने के कारण शुल्क की प्रतिपूर्ति न हो पाती है, जिसके कारण बच्चों के शुल्क से प्रंबधक द्वारा शिक्षकों को 15000 मानदेय दिया जाना है। आय होने के का्रण शुल्क की प्रतिपूर्ति नहीं हो पाती है, जिसके कारण बच्चों के शुल्क से प्रबंधक द्वारा शिक्षकों को 15000 मानदेय दिया जाना कोरी कल्पना होगी। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सरकार शिक्षा एवं शिक्षकों के प्रति अपनी जिम्मेदारी से बचना चाहती है।
सरकार द्वारा मानदेय 15000 तक किएजाने के साथ यह राशि राजकीय कोषागार से सीधे शिक्षकों के खाते से देना सुनिश्चित करते हउए 2017 में विधानसभा चुनाव के समय शिक्षकों से किए गए अपने वादे दो सरकार पूरा करें। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित मांगों का पत्रक जिला विद्यालय निरीक्षण को सौपा गया।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष रामजन्म सिंह यादव, प्रबंधक महासभा के जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष राजनारायण सिंह संरक्षक मुजुर सिंह यादव, प्रदेश सचिव एमके कुरैशी, राजेश सिंह यादव, मुन्ना सिंह यादव, सुनील राम, रामायण सिंह यादव, विनय कुमार पांडेय, सुकवास सिंह कुशवाहा, सतीश सिंह यादव, अजमल हक अंसारी, गिरिशचंद्र मिश्रा, रामप्यारे सिंह यादव, तारकेश्वर पांडेय, प्रभाकर यादव, रमेश सिंह, रामप्रकाश सिंह यादव, विनय कुमार बिंद, विजेंद्र सिंह यादव, शैलेंद्र कुमार प्रजापति, प्रमोद कुमार यादव, रमाशंकर यादव, पवन सिंह यादव, महेंद्र सिंह यादव, राहुल विश्वकर्मा आदि उपस्थित थे।