गाजीपुर। अब क्षय रोग की पहचान खांसी से हो जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने टीबी कफ कलेक्शन एप तैयार किया है। बीमार व्यक्ति की आवाज आठ बार रिकार्ड की जाएगी। खांसी के नमूने की जांच से पता चल जाएगा कि व्यक्ति को क्षय रोग है या नहीं। शुरुआत में स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिह्नित 68 लोगों की खांसी के नमूने लिए जाएंगे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. हरगोविंद सिंह ने बताया कि कफ साउंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड सोल्यूशन टू डिटेक्ट टीबी के लिए जनपद से 68 लोगों की खांसी के नमूने भेजे जाएंगे। इस सर्वे में जिन लोगों की आवाज रिकार्ड की जाएगी, उनके नाम और पता गोपनीय रखा जाएगा। रिपोर्ट किसी से भी साझा नहीं की जाएगी। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. मनोज सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 तक जनपद को क्षय रोग से मुक्त बनाने की दिशा में तेजी से कार्य चल रहा है। मरीजों की संख्या में भी कमी आ रही है। इसमें और सुधार एवं गति लाने के लिए एक नया एप लांच किया गया है। इस एप के जरिए चिह्नित लोगों की आवाज स्मार्ट फोन में करीब आठ बार रिकार्ड की जाएगी। आवाज अलग-अलग तरह की होगी। प्रथम चरण में इसका सर्वे कराया जाएगा। इसमें बगैर टीबी वाले एवं टीबी के लक्षण वालों और उनके संपर्क में रहने वाले या रिश्तेदार होंगे। कफ साउंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड सोल्यूशन टू डिट्रेक्ट टीबी को लेकर ऑन लाइन प्रशिक्षण कराया जा चुका है। प्रशिक्षित सुपरवाजर चिह्नित व्यक्ति के घर मास्क पहनकर जाएंगे। मोबाइल एप पर 30 सेंकड की आवाज रिकार्ड करेंगे।