उतरांव में एक मकान के नए बने बारजे को ताजिया के रास्ते में अवरोध बताते हुए ताजियादारों ने बुधवार की रात 9.40 बजे के करीब दो ताजियों के जुलूस को बीच में ही रोक दिया। मकान का बारजा तुड़वाने की मांग को लेकर ताजियादार वहां घंटों बैठे रहे। बाद में एडीएम तथा एसडीएम ने ताजिएदारों को सुबह बारजा तुड़वा देने का आश्वासन देकर देर रात करीब दो बजे के बाद ताजिये को दफन करवाया। इस दौरान जुलूस करीब साढ़े पांच घंटे तक रुका रहा।
मुहर्रम के दिन क्षेत्र के करीमुद्दीनपुर, बथोर ,चंदकुर, चकिया, ताजपुर, नेवादा, असावर, बराचवर, अमहट, मतवा सहित सभी ताजिये समय से कर्बला में दफन हो गए, लेकिन उतरांव में रास्ता संकरा होने की बात को लेकर दो ताजियों को ताजियादारों ने रोक दिया। जानकारी होते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। ताजिएदारों का कहना था कि ताजिया के रास्ते में एक मकान का बारजा नया निकाला गया है। जिससे ताजिया जाने में दिक्कत हो रही है।
पुलिस के काफी समझाने के बाद भी ताजिएदार बारजा तुड़वाने की जिद पर अड़े रहे। बाद में एडीएम, एसडीएम तथा सीओ मुहम्मदाबाद भी मौके पर पहुंच गए। ताजियादारों से बातचीत करते हुए दोनों अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि ताजिया जाने में अवरोध उत्पन्न करने वाले मकान के बारजे को सुबह तुड़वा दिया जाएगा। इसके बाद ताजिएदार शांत हुए और रात में दो बजे ताजियों को आगे बढ़ाया और देर रात उन्हें दफन किया गया।