पीजी कालेज के प्राचार्य डा. हरिहर सिंह पर हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर 11 जुलाई से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल को शिक्षकों ने एक सप्ताह के लिए टाल दिया है। जिलाधिकारी के हस्तक्षेप से प्रशासन ने एडीएम कार्यालय में कर्मचारी नेताओं और शिक्षकों को बुलाकर वार्ता की। डीएम के एक सप्ताह में आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन देने पर कर्मचारियों ने आंदोलन को 16 जुलाई तक स्थगित करने का फैसला किया है। तय समयावधि में गिरफ्तारी न होने पर 17 जुलाई से व्यापक रूप से आंदोलन की चेतावनी दी।
कर्मचारी शिक्षक नेताओं को एएसपी सिटी केशवचन्द्र गोस्वामी ने बताया कि एक हमलावर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मुख्य अभियुक्त तथा उसके अन्य साथियों की तलाश के लिए जनपद पुलिस की कई टीमें तथा क्राइम ब्रांच की टीम को लगाया गया है। प्रशासन किसी भी दशा में आरोपियों को गिरफ्तार करेगा। इसके लिए उनके दोस्तों, परिवार और रिश्तेदारों के यहां लगातार दबिश देकर पूछताछ की जा रही है।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद परिषद के जिलाध्यक्ष अंबिका दुबे ने कहा कि यदि हमलावरों की गिरफ्तारी 16 जुलाई तक नहीं होती है तो 17 जुलाई से पुन: व्यापक रूप से आंदोलन प्रारंभ कर दिया जाएगा। शिक्षणेतर कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह शम्मी ने कहा कि हमलावरों को यथा शीघ्र गिरफ्तार किया जाए। प्रशासन के अनुरोध और छात्र हित को संज्ञान में लेते हुए यह 16 जुलाई तक के लिए स्थगित किया जा रहा है।
एडीएम आनंद कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को पूर्ण रूप से आश्वत करते हुए कहा कि हमलावर यथाशीघ्र गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। वार्ता करने वालों में पीजी कालेज के प्राचार्य डा. हरिहर सिंह, स्वामी सहजानंद महाविद्यालय के प्राचार्य डा. शशिकांत राय, पीजी कालेज के अध्यापक डा. अशोक कुमार सिंह, डा. श्रीकांत पांडेय, डा. लवजी सिंह, डा. अनुराग सिंह, ओमप्रकाश यादव, प्रमोद उपाध्याय, डा. कुंवर भानूप्रताप सिंह, आनंद सिंह, रामविलास कुशवाहा, सुभाष सिंह, निर्भयनारायण, जमुना यादव, विजय सिंह, अमितेश आदि थे।