सदर कोतवाली क्षेत्र के रजदेपुर मुहल्ला में शनिवार की रात चोरों ने टेलीफोन विभाग के जेटीओ के बंद मकान को खंगाल डाला। इस दौरान चोर 87 हजार छह सौ नगदी और करीब ढाई लाख रुपये के जेवरात लेकर चंपत हो गए। सुबह जानकारी होने पर पड़ोसी ने जेटीओ को चोरी की सूचना दी। पीड़ित ने शक के आधार पर दो लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की छानबीन की।
रजदेपुर मुहल्ला निवासी नफीस अहमद दूरसंचार विभाग में जेटीओ के पद पर कार्यरत हैं और रजदेपुर कालोनी में मकान बनवाकर परिवार के साथ रहते हैं।
ईद का पर्व मनाने के लिए वह मकान में ताला बंदकर पांच जुलाई को परिवार के साथ भांवरकोल थाना क्षेत्र के रानीपुर गए थे। रविवार की सुबह दूध देने वाला जब नफीस के दरवाजे पर पहुंचा तो देखा कि मेन गेट खुला हुआ था। इससे उसने यह सोचा कि उनका परिवार आ गया। मेन दरवाजे से अंदर जाकर दूध लेने के लिए आवाज लगाने लगा। जब अंदर से कोई आवाज नहीं आई तो वह पड़ोसी तौकीर अहमद के घर पहुंचा और इसकी जानकारी दी।
जब तौकीर नफीस के घर पहुंचे तो देखा कि मेन गेट की दीवार पर दो टूटा हुआ ताला रखा था। यह देख उन्हें यह समझने में देर नहीं लगी कि मकान में चोरी हुई है। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना नफीस को दी। जानकारी मिलने पर नफीस घर पहुंचे। सामानों की जांच-पड़ताल किया तो पता चला कि 87 हजार छह सौ रुपये नकदी और करीब ढाई लाख के जेवरात गायब थे। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। पहुंची पुलिस ने पीड़ित से बातचीत कर मामले की छान-बीन की।
पीड़ित ने शक के आधार पर मुहल्ले में ही रहने वाले डल्ला सहित अन्य के खिलाफ नामजद तहरीर दी। पीड़ित का कहना था कि जिन लोगों के खिलाफ तहरीर दी है, वे चोरी के मामले जेल जा चुके हैं।