बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई गेहूं की फसल का सर्वे करने के बाद किसानों को नुकसान के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। कृषि अधिकारी ने बीमा कंपनी के अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिया है। नामित बीमा कंपनी किसानों की क्षतिग्रस्त फसल का सर्वे कर रही है। बीमा कंपनी की ओर से होने वाले सर्वे टीम में कृषि विभाग के एक कर्मचारी को भी रखा गया है।
लगातार दूसरे वर्ष मौसम की मार झेल रहे किसानों को राहत पहुंचाने के लिए शासन गंभीर है। कुछ दिन पूर्व तेज हवाओं के साथ वर्षा और ओलावृष्टि के चलते खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान हुआ था। जिले के लगभग 50 किसानों ने क्षतिग्रस्त फसल के मुआवजे के लिए कृषि विभाग में आवेदन किया था।
आवेदन पत्र को गंभीरता से लेते हुए कृषि अधिकारी एके प्रजापति ने नामित बीमा कंपनी आईसीआईसी लोम्बार्ड को निर्देश दिया है कि कंपनी गेहूं की फसल का सर्वे करे। अगर गेहूं की फसल को 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हुआ है तो किसानों को क्षति का 25 प्रतिशत तत्काल भुगतान करें। वहीं 25 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने पर किसानों को क्षति का 15 प्रतिशत भुगतान कर दिया जाएगा। कृषि अधिकारी एके प्रजापति ने बताया कि ओला व बारिश से गेहूं को 10 से 15 प्रतिशत नुकसान हुआ है। सर्वे के आधार पर बीमा कंपनी को फसलों का मुआवजा देने का निर्देश दिया गया है।