पीजी कालेज के प्राचार्य डा. हरिहर सिंह पर छात्रसंघ अध्यक्ष अमरजीत यादव द्वारा साथियों के साथ हमला करने का मामला गरमाता जा रहा है। आरोपी छात्रसंघ अध्यक्ष की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बुधवार को शिक्षक कर्मचारी संघर्ष समिति के बैनर तले शिक्षकों और कर्मचारियों ने पीजी कालेज से जुलूस निकाला। एसपी कार्यालय का घेराव कर उन्हें आरोपी की गिरफ्तारी से संबंधित पत्रक सौंपा। एसपी ने तीन दिन में गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया।
शिक्षक नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर दिए गए समय पर गिरफ्तारी नहीं हुई तो वह आर-पार की लड़ाई लड़ने को विवश होंगे।
पंद्रह दिन बाद भी प्राचार्य पर हमला करने वाले छात्रसंघ अध्यक्ष अमरजीत यादव और उसके साथियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज शिक्षक संघर्ष समिति के शिक्षकों, कर्मचारियों के साथ पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बुधवार की सुबह पीजी कालेज से जुलूस निकाला।
जुलूस में शामिल लोग हाथों में प्राचार्य पर हमला करने वालों को गिरफ्तार करों आदि लिखे नारे वाली लिखी तख्तियां लिए हुए थे।वे पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुलिस कार्यालय पहुंचे। कुछ कर्मचारी नेता एसपी से वार्ता करने के लिए जहां उनके कार्यालय में चले गए, वहीं दर्जनों कर्मचारी, शिक्षक और कर्मचारी कार्यालय के सामने सड़क पर बैठ गए। इस मौके पर आयोजित सभा में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अंबिका प्रसाद दुबे एवं मिनिस्ट्रियल फेडरेशन के अध्यक्ष विजय शंकर राय ने कहा कि पुलिस अधीक्षक रामकिशोर ने आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए तीन दिन का समय दिया है,
अगर दिए गए समय पर गिरफ्तारी नहीं हुई तो विकास भवन सहित तमाम सरकारी कार्यालयों में ताला बंद कर काम-काज ठप कर दिया जाएगा। विशिष्ट बीटीसी प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अनंत कुमार सिंह और उपाध्यक्ष डा. दुर्गेशप्रताप सिंह ने कहा कि आरोपी गिरफ्तारी न करना दुखद है। विरोध प्रदर्शन में विवेक कुमार सिंह शम्मी, प्रमोद उपाध्याय, राकेश सिंह, मनीष सिंह, डा. लवजी सिंह, डा. संजय कुमार चतुर्वेदी, राहुल सिंह, डा. शशिभूषण पोद्दार, जनपद शिक्षक संघ क महामंत्री डा. ओमप्रकाश सिंह, उपाध्यक्ष डा. शलैंद्र सिंह, डा. अरविंद कुमार उपाध्याय, डा. गोपाल यादव, डा. रविशंकर सिंह, सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।
एसपी कार्यालय के पास जुलूस पहुंचने पर कुछ कर्मचारी नेता एसपी से वार्ता करने के लिए जहां उनके कार्यालय में चले गए, वहीं दर्जनों कार्यालय के सामने सड़क पर बैठ गए, जिससे सभा समाप्त होने तक करीब आधा घंटा तक आवागमन बाधित रहा।