क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर सात दिनों से सुहवल शिवाला पर अनशनरत
छात्रों को गुरुवार की देर शाम वहां तहसीलदार के साथ पहुंची कई थानों की
पुलिस ने जबरदस्ती उठा लिया। बिगड़ती हालत को देख छात्रसंघ के पूर्व
अध्यक्ष पंकज उपाध्याय एवं सुमंत राय बागी को एंबुलेंस से जिला अस्पताल
भिजवाया। इस दौरान छात्रों और पुलिस मेें तीखी झड़प भी हुई। पुलिस की इस
कार्रवाई से मौके पर काफी देर तक अफरातफरी की स्थिति रही।
क्षेत्रीय
मांगों को लेकर सात दिनों से सुहवल के शिवाला के पास आंदोलन किया जा रहा
था। इस आंदोलन में छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष पंकज उपाध्याय एवं सुमंत राय
बागी आमरण अनशन पर थे। चिकित्सकों द्वारा उनका चिकित्सकीय परीक्षण करने पर
उनकी सेहत में कमी पाई जा रही थी। छात्रों की बिगड़ती हालत को देखते हुए
बृहस्पतिवार को करीब 6 बजे तहसीलदार जमानिया बृजमोहन यादव के नेतृत्व में
सुहवल एसओ, नगसर, रेवतीपुर थानों की पुलिस पहुंची और अनशन स्थल को चारों
तरफ से घेर लिया।
इसके बाद तहसीलदार ने तुरंत अनशन समाप्त करने को कहा,
लेकिन छात्र अपना अनशन तोड़ने को तैयार नहीं थे। इसको लेकर छात्रों और
पुलिस के बीच तीखी झड़प शुरू हो गई। काफी जद्दोजहद के बाद पुलिस ने जबरिया
अनशनरत छात्रों को उठाकर एंबुलेंस में बैठा दिया और जिला चिकित्सालय लेकर
चली गई। बाद में पुलिस वहां लगे टेंट, दरी आदि सामानों को उठाकर थाने ले
गई। पुलिस के इस रवैऐ से नाराज पूर्व अध्यक्ष पंकज उपाध्याय और सुमंत बागी
ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि हम प्रशासन की कार्रवाई को किसी भी कीमत पर
बर्दाश्त नहीं करेंगे।
उसकी इस कार्रवाई का जवाब छात्र आंदोलन के माध्यम
से देंगे। जब तक हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, अस्पताल में भी
हमारा अनशन जारी रहेगा। इस दौरान उपस्थित लोगों को पुलिस ने खदेड़ना चाहा,
लेकिन अनशनकारियों का तल्ख तेवर देखकर पुलिस शांत हो गई।
इससे पहले
प्रशासन के खिलाफ चलाए गए हस्ताक्षर अभियान में सैकड़ों की संख्या में
लोगों ने हस्ताक्षर कर आंदोलन को समर्थन प्रदान किया। इस मौके पर राकेश
मिश्र, अनूप पांडेय, विकास सिंह, सहजेेंद्र राय, रविंद्र यादव, दीक्षित
राय, राजबाबू यादव, गुलाब राम, रतन गुप्त आदि उपस्थित थे।