गाजीपुर जिले की जमानिया कोतवाली क्षेत्र के बरूइन गांव में शनिवार सुबह जमीन के विवाद में एक पुत्र ने अपने बेटे के साथ अपने ही पिता की लाठी-डंडे से पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के दूसरे बेटे की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
जानकारी के अनुसार मृतक की संगति कुछ ऐसे लोगों संग थी जो अंधविश्वास का काम करते थे। इसे लेकर उनका पुत्र आरोप लगाता रहता था। बरुइन गांव निवासी हरिहर तिवारी (75) के तीन बेटे हैं। बड़ा भीष्मदत्त स्कूल चलाता है। दूसरा बेटा गांव में ही क्लीनिक चलाता है। तीसरा बेटा कहीं बाहर रहकर नौकरी करता है।
शनिवार सुबह हरिहर तिवारी अपने अहाते में जा रहे थे कि तभी भीष्मदत्त और उसका बेटा विद्यासागर वहां आए और कुछ विवाद के बाद दोनों ने उन पर लाठी-डंडे से हमला कर दिया। बुरी तरह पिटाई से लहूलुहान हरिहर वहीं गिर पड़े तो हमलावर वहां से फरार हो गए। आनन-फानन में लोग उन्हें उनके दूसरे पुत्र डा. भृगुनाथ तिवारी की डिस्पेंसरी पर ले गए, जहां उनकी मौत हो गई।
मृतक के पुत्र डा. भृगुनाथ का कहना था कि भीष्मदत्त करीब 20 वर्ष पूर्व परिवार से अलग होकर अपना प्राइवेट विद्यालय चलाने लगा। कुछ वर्ष पूर्व विद्यालय बंद हो गया था। इसके बाद वह पिता से जमीन बंटवारे और भूत प्रेत को लेकर आए दिन झगड़ा करता था। आज भी इन्हीं बातों को लेकर दोनों झगड़ा कर रहे थे और कहासुनी के बीच उसने और उसके पुत्र विद्यासागर ने लाठी-डंडे से प्रहार कर पिता की हत्या कर दी।
सूचना मिलते ही कोतवाल राजीव कुमार सिंह तथा चौकी प्रभारी अनिल कुमार पांडेय पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गए। एसपी ओमप्रकाश सिंह ने घटनास्थल का मुआयना किया। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी सुरेश शर्मा ने बताया कि घरेलू विवाद को लेकर यह घटना हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मृतक के पुत्र डा. भृगुनाथ तिवारी की तहरीर पर भीष्मदत्त तिवारी, उसके पुत्र विद्यासागर, पुत्री कुसुम तिवारी तथा पत्नी रोशनावती देवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।