गाजीपुर। कभी प्रेम तो कभी भूमि की चाहत में अंधे हो चुके आरोपियों ने अपनों के खून से हाथ रंग डाले। करीब 11 माह 20 दिन बाद एक बार पुन: हुए तिहरे हत्याकांड ने लोगों को झकझोर दिया।
डिलियां यादव बस्ती की घटना से करीब दस किमी दूर कुसम्ही कला गांव की याद ताजा हो गई। दोनों वारदात को अंजाम आरोपी पुत्रों ने ही दिया, जबकि कुसम्ही कला गांव में घटना की वजह प्रेम और शादी तो डिलियां गांव में हत्या का कारण भूमि है।
बीते सात अगस्त 2024 को कुसम्ही कला गांव में प्रेम में अंधे और शादी के लिए परेशान पुत्र ने सो रहे माता-पिता और भाई की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या का दी थी। वारदात को आरोपी ने पूरी चालाकी के साथ अंजाम दिया और घटनास्थल से 500 मीटर दूर कार्यक्रम स्थल पर कपड़ा बदलकर शामिल भी हो गया था, जिससे उसके ऊपर कोई शक भी न करे।
हालांकि पुलिस ने 24 घंटे में हत्याकांड का खुलासा कर दिया और हत्यारोपी पुत्र को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया था। नंदगंज थाना के कुसम्ही कला गांव से ठीक दस किमी दूर शहर कोतवाली के डिलियां गांव में एक बार फिर 11 माह 20 दिन में तिहरे हत्याकांड ने याद को ताजा कर दिया।
कुसम्ही कला गांव में रात के अंधेरे में आरोपी पुत्र ने घटना को अंजाम दिया था लेकिन डिलियां गांव के यादव बस्ती में दिनदहाड़े दोपहर में पुत्र ने भूमि की चाहत में पिता, माता और बहन को कुल्हाड़ी से दौड़ा- दौड़ाकर काट डाला। इस वारदात से लोगों के जेहन कुसम्ही कला गांव का तिहरा हत्याकांड कौंधने लगा।