गाजीपुर। शहर कोतवाली के डिलियां गांव की यादव बस्ती में रविवार की दोपहर जो कुछ हुआ, ऐसा न तो कभी किसी ने कल्पना की थी और न ही कभी ऐसा हुआ था। रविवार की दोपहर में गांव में सबकुछ सामान्य था लेकिन बहन के नाम पर खेत किए जाने से नाराज अभय ने दो मिनट के अंदर करीब 15 फीट के दायरे में बहन, पिता और मां की लाशें बिछा दीं।
नौ अगस्त को रक्षाबंधन की तैयारी में बहन कुसुम जुटी हुई थी। हत्यारोपी अभय कुसुम का अकेला सगा भाई था। शिवराम यादव का मुख्य मार्ग पर गांव में भी एक मकान है, वहीं से करीब 50 मीटर दूर खेत में निर्माणाधीन घर और पशुशाला है।
यहीं पर वह मवेशियों की देखभाल करते थे। परिवार का खाना-पीना भी यहीं होता था। रोजाना की तरह बहू मुन्नी ने खाना बनाया और परिवार के लोगों ने उसे खाया। इसके बाद वह अपनी सास जमुनी देवी के साथ कमरों की गोबर से लिपाई कर रही थी। इधर, बहन को खेत की रजिस्ट्री करने पर अभय अपने पिता से झगड़ रहा था। बहू भी सास से झुंझला रही थी।
इसी बीच बात बढ़ गई, तभी कुसुम स्कूटी से वहां पहुंच गई। वह स्कूटी पुराने घर पर खड़ी कर निर्माणाधीन मकान की तरफ बढ़ रही थी, तभी अभय कुल्हाड़ी लेकर दौड़ पड़ा। अभय को देख हेलमेट पहने कुसुम धान के खेत की तरफ भागी, लेकिन अभय ने कुल्हाड़ी से कई वार कर बहन को मार डाला।
यह देख बचाने के लिए दौड़े 70 वर्षीय पिता शिवराम को भी अभय ने कुल्हाड़ी से काट दिया। चीख पुकार पर लिपाई कर रही मां जमुनी देवी भी गिरते भागते झोपड़ी से निकली ही थीं कि उनकी भी अभय ने हत्या कर दी। खूनी खेल खेलकर हत्यारोपी बाइक से पत्नी और बच्चों के साथ मुख्य मार्ग से भाग निकला।
खास बात यह कि वारदात के बाद ग्रामीणों में इतना भय व्याप्त हो गया था कि न तो किसी ने उसे रोका न कोई इस प्रकरण में कुछ बोलने को तैयार था।