गाजीपुर। जिले में फरियादियों के लिए जिलाधिकारी का जनता दरबार रोजाना सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक लगाया जाता है। डीएम साहब से मिलकर अपनी शिकायत देने के लिए रोजाना करीब 500 फरियादी आते हैं।
इतनी संख्या में पहुंचे लोगों में से ज्यादातर उनसे बिना मुलाकात किए ही मायूस लौट जाते हैं। स्थिति यह है कि कोई 20 तो कोई 10 और को पांच दिन से लगातार जनता दरबार का चक्कर लगा रहा है, लेकिन जिलाधिकारी से मुलाकात नहीं हो पा रही है।
सुबह पांच और छह बजे से लाइन में लगने के बाद भी कई फरियादियों की बारी नहीं आती और जनता दरबार समाप्त होने पर उन्हें अगले दिन फिर आने को विवश होना पड़ता है। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रायफल क्लब में आयोजित जनता दरबार में प्रतिदिन 500 से अधिक लोग अपनी शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
मंगलवार को भी बड़ी संख्या में ऐसे फरियादी मिले, जो एक दिन पहले भी आए थे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो सकी थी। इनमें कई ऐसे लोग भी थे, जो कई दिनों से लगातार अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
फरियादियों का कहना है कि तहसील, थाना और ब्लॉक स्तर पर सुनवाई नहीं होने के कारण वे जिला मुख्यालय तक पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां भी लगातार इंतजार के बाद मुलाकात नहीं हो रही है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है। कई लोगों का कहना है कि यदि तहसील, थाना और ब्लॉक स्तर पर समयबद्ध कार्रवाई हो जाए तो उन्हें जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़े।
उनका आरोप है कि स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं होने से उन्हें बार-बार जनता दरबार में आना पड़ रहा है।
रायफल क्लब सभागार में आयोजित जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के जनता दर्शन में पहुंचे फरियादी। संवाद