गाजीपुर। सुबह व शाम अब कोहरा का असर साफ दिखाई देने लगा है। हाईवे पर चालकों को वाहन चलाना संघर्ष से कम नहीं होता है। ऐसे में मुख्य मार्गों के किनारे पेड़ों की टहनियां, सरपत, जंगली झाड़ियों से हादसे का भय बना रहता है।
यहीं नहीं रिफलेक्टर व संकेतक भी अभी ठीक नहीं कराए गए हैं। स्थिति यह है कि जनपद के करीब एक दर्जन से ऊपर की सड़कों की हालत जस की तस है। प्रतिदिन इन मार्गों पर करीब एक लाख की आबादी का आवागमन बना हुआ है। बावजूद संबंधित विभाग के अधिकारियों व कर्मियों की तंद्रा टूटने का नाम नहीं ले रही है।
जखनिया ब्लाॅक का वीर अब्दुल हमीद मार्ग सैनिक चौराहा होते हुए जलालाबाद के लिए जाता है। हंसराजपुर से शुरू इस मार्ग की लंबाई करीब 35 किमी है। इस सड़क पर सरपत ऐसा लगा है कि आम दिनों में भी संभल कर न चलने पर हादसे की संभावना बढ़ जाती है।
वहीं गाजीपुर- आजमगढ़ करीब 30 किमी का मार्ग पर बिरनो से लेकर दुल्लहपुर तक बीच- बीच में पेड़ों की टहनियां इस कदर लटकी हैं कि थोड़ी भी लापरवाही से दुर्घटना होना तय है। यहीं नहीं अमारी से जखनिया दस किलोमीटर की इस सड़क की पटरियों पर जंगली झाड़ियों का ऐसा फैलाव है कि सामने से आने वाले वाहन दिखाई ही नहीं पड़ते हैं।
प्रमुख मार्ग में शुमार नेशनल हाइवे 12 सी ताड़ीघाट- बारा 39 किमी मार्ग स्थित रेवतीपुर के इलाके में दोनों तरफ हरे पेड़ों की टहनिया सड़क के बीचों आ चुकी है, लेकिन अब छंटाई नहीं हो सकी है।
वहीं देवल अमौरा करीब आठ किमी के मार्ग और भदौरा- दिलदारनगर मार्ग की स्थिति जस की तस बनी हुई है। यहीं नहीं कठवामोड़ से नोनहरा जाने वाले मार्ग पर भी पेड़ों की टहनियां और सरपत इस कदर दोनों तरफ लगी हुई है कि थोड़ा भी चालक का ध्यान भटका तो हादसा होना तय है। यहीं हाल जनपद के अन्य मार्गों का भी है।
वन विभाग को पत्र भेजा गया है कि ऐसे मार्गों को चिह्नित कर सरपत, जंगली झाड़ियों एवं पेड़ की टहनियों की छंटाई कराई जाए, जिससे कोहरे के समय हादसों पर अंकुश लग सके।- सुधाकर पांडेय, सीओ सिटी
एक वर्ष में कुल सड़क हादसों की संख्या- 299
एक वर्ष में हादसों में मौतों की संख्या- 196
जिले में ब्लैक स्पॉट की संख्या- 17
हादसा -1 दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के धर्मागतपुर मलेठी मोड़ पर बीते 20 अक्तूबर को सरपत से टकराकर बाइक अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई थी। हादसे में मुस्तफाबाद बड़ागांव निवासी दीपक राजभर की मौत हो गई थी।
हादसा -2 जमानिया कोतवाली के कसेरा पोखरा गांव के पास बीते 25 अक्तूबर को झाड़ियों के चलते दिखाई न पड़ने से वाहन के धक्के से सोनू पासी की मौत हो गई थी।
हादसा -3 नोनहरा थाना क्षेत्र के पारा चट्टी के पास बीते 26 अक्तूबर को रिफ्लेक्टर न होने से सड़क हादसे में पारा गांव निवासी इशहाक राईनी की मौत हो गई थी।
हादसा -4 26 अक्तूबर को बिहार बक्सर के चकरहसी गांव निवासी दो चचेरे भाई बाइक सवार बनारसी यादव और रामजी यादव की ट्रेलर के धक्के से मौत हो गई थी।