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स्मार्ट क्लास: 35 विद्यालयों में उपकरण नहीं हुए इंस्टाल

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गाजीपुर। परिषदीय विद्यालयों के नौनिहाल अब ब्लैकबोर्ड के बजाए कंप्यूटर से शिक्षा हासिल करेंगे। इसके लिए जिले में 275 परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास बनाए गए हैं, लेकिन अभी तक 35 विद्यालयों में इसके उपकरणों को इनको इंस्टाल नहीं किया जा सका है। ऐसे में स्कूल खुलने पर इनका संचालन कर पाना सम्भव नहीं दिखाई दे रहा है।
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जिले में 2266 परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इंटीग्रेटेड स्कीम फाॅर स्कूली शिक्षा को लेकर आईसीटी और डिजिटल इनिशिएटिव एवं इनोवेटिव प्रोग्राम फॉर मॉनीटरिंग के तहत स्मार्ट क्लास सेटअप लगाया जा रहा है। 275 विद्यालयों में स्मार्ट क्लासेज बनाने को मंजूरी मिली है। हर विद्यालय में साउंड, टीवी इनवर्टर बैट्री लगाई जाएगी। इनके जरिए परिषदीय विद्यालयों में चल रहे दीक्षा एप सहित अन्य एप से नौनिहालों को पढ़ाया जाएगा। इस उपकरण के लग जाने से बच्चे बेहतर तरीके से पढ़ाई कर सकेंगे। इस तकनीक का उद्देश्य छात्रों के लिए एक आकर्षक शिक्षण वातावरण बनाना है। चयनित 275 विद्यालयों में सबसे ज्यादा सादात विकासखंड के हैं जबकि भांवरकोल में इनकी संख्या सबसे कम है। बाराचवर एवं जमानिया में 22-22, भदौरा 23, भांवरकोल चार, बिरनो 12, देवकली 19, करंडा एवं रेवतीपुर 11-11 तथा कासिमाबाद एवं सदर के नौ-नौ विद्यालय हैं। इसी प्रकार मनिहारी एवं सैदपुर 25-25, मरदह आठ, मुहम्मदाबाद 24, सादात 31, जखनिया 20 एवं जमानिया विकासखंड के 22 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
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इनसेट

शिक्षकों ने किया प्रयास
गाजीपुर। शासन ने भले ही 275 विद्यालयों में स्मार्ट क्लासेज बनाने का निर्णय लिया है, लेकिन जिले में इससे पहले 821 विद्यालयों में स्मार्ट क्लासेज चल रही हैं। ये कक्षाएं सामाजिक संस्थाओं एवं शिक्षकों ने खुद के प्रयास करके बनाई है। इसमें सदर ब्लॉक, सादात, जमानिया में 49 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास संचालित हैं। नगर क्षेत्र में 21 तथा शेष ब्लाकों में 50-50 स्मार्ट क्लास चल रही हैं।
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चयनित विद्यालयों में 35 में उपकरणों को इंस्टाल करने का कार्य जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इन उपकरणों के रखरखाव की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक, प्रधान एवं निकटवर्ती पड़ोसी की होगी।- अनुपम गुप्ता, जिला समन्वयक
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