गाजीपुर। युवाओं को हुनरमंद और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के कौशल विकास मंत्रालय की ओर से तमाम जतन किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्किल बेस्ड कोर्स चलाने कीस्किल बेस्ड कोर्स स्वीकृति कई महाविद्यालयों को दी है। जिले में आध दर्जन से अधिक महाविद्यालयों में इस कोर्स को संचालित किए जाने की स्वीकृति मिल जाने से प्रशिक्षण प्राप्त कर सपनों को पंख लगाने वाले युवाओं में उत्साह है।
कासिमाबाद संवाददाता के अनुसार स्नातक स्तर के साथ इंटरमीडिएट योग्यताधारी छात्रों को विभिन्न पाठ्यक्रमों के माध्यम से प्रशिक्षित किए जाने के लिए शिक्षा संस्थाओं को मान्यता दी जा रही है। सत्यदेव डिग्री कॉलेज में वोकेशनल एजुकेशन के साथ एडवांस डिप्लोमा में शीघ्र प्रवेश होने वाले हैं। अभी केंद्र एवं राज्य सरकार से महाविद्यालय की गुणवत्ता के साथ पठन-पाठन आदि की व्यवस्था को जांचने परखने के लिए टीम आने वाली है। इसके बाद प्रवेश प्रारंभ हो जाएगा। आपको बता दें कि बैचलर आफ वोकेशनल एजुकेशन में कुल 22 ब्रांच है जिसमें रिटेल मैनेजमेंट, प्रिंटिंग पब्लिकेशन, एग्रीकल्चर एंड क्वालिटी मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी आदि पाठ्यक्रम हैं। इसी प्रकार एडवांस डिप्लोमा में बैंकिंग एंड फाइनेंस के तहत बैंकिंग ऑपरेशन, फाइनेंशियल मैनेजमेंट, फाइनेंशियल मार्केट एंड इंस्टीट्यूशंस, फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पोर्टफोलियो, मैनेजमेंट रिसर्च एंड इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट, आर्गनाइजेशन बिहेवियर के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा। इस संबंध में सत्यदेव ग्रुप आफ कॉलेजेज के प्रबंध निदेशक डॉ. सानंद सिंह ने बताया कि कॉलेज पर यह कोर्स बहुत पहले प्रारंभ हो गया होता। कोरोना के चलते कुछ औपचारिकताएं बाकी रह गई हैं जो बहुत जल्द पूरी हो जाएगी। दिसंबर माह में इन कोर्सो में प्रवेश प्रारंभ होने की संभावना है। औडि़हार संवाददाता के अनुसार प्रदेश में पहली बार संस्कृत महाविद्यालय में भी कौशल विकास के तहत स्किल बेस्ड कोर्स चलाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस क्रम में तहसील क्षेत्र सैदपुर के आंचलिक इलाके रामपुर स्थित संस्कृत महाविद्यालय में ब्यूटी थेरेपिस्ट, योगा ट्रेनर के अलावा ज्योतिष एवं कर्मकांड का प्रशिक्षण देकर लोगों के लिए रोजगार के अवसर सुलभ कराए जाएंगे। हर प्रशिक्षुओं को अपने अलग ट्रेड का चुनाव करना होगा तथा उसी के तहत अपना आवेदन भी जमा करना होगा। इस उपक्रम के चलते जिले में हजारों युवाओं को हुनरमंद बनने का मौका मिलेगा। संस्कृत महाविद्यालय रामपुर के प्राचार्य राघवेंद्र पाठक ने बताया कि कौशल विकास मिशन के तहत डिप्लोमा एवं उपाधि प त्र के रूप में चलाए जाने वाले प्रशिक्षण कोर्स की स्वीकृति विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से मिली है। शासन से प्रवेश संबंधी गाइडलाइन प्राप्त होने पर अर्हता प्राप्त इच्छुक लोगों से आवेदन लिए जाएंगे।
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