अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या तीन संजीव कुमार सिन्हा की अदालत ने सैदपुर थाना क्षेत्र के बौरवा गांव में 2009 में हुई ब्रजेश की हत्या और अन्य के हत्या के प्रयास के मामले में छह अभियुक्तों को गुरुवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही विभिन्न धाराओं में सभी को कुल 18500-18500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
बौरवां गांव निवासी केदार यादव पुत्र जीवधन यादव ने सैदपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 18 मार्च, 2009 को दिन में 11 बजे अपनी जमीन पर दीवार बनवाने के लिए सहयोगियों के साथ नींव खोद रहे थे। इसी दौरान गांव के सत्यनारायण यादव, मुरली यादव पुत्रगण जगन्नाथ यादव, मंजे उर्फ धनंजय पुत्र रामनारायण, संतोष यादव पुत्र सत्यनारायण, अंती पत्नी रामनारायण, इसराजी पत्नी सत्यनारायण यादव गाली देते हुए आ गए।
काम करने वाले मिस्त्री और मजदूरों को मारपीट कर भगा दिया। इसी बीच सत्यनारायण अपनी एकनाली बंदूक लेकर आया और बेटे ब्रजेश के पेट में नाल सटाकर गोली मार दी। दूसरी गोली केदार पर चलाई, जिसका छर्रा सिर पर लगा। मंजे उर्फ धनंजय हाथ में तमंचा और मुरली बल्लम लिए आए और घर की लौजारी देवी पर वार किया। अंती, इसरारी ने घर के धीरेंद्र को पकड़ लिया था। अभियुक्तों के जाने के बाद ब्रजेश को जिला अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।