अभी प्रचंड गर्मी शुरू नहीं हुई है। लेकिन, ट्रांसफार्मरों के जलने का दौर शुरू हो गया है। अभी मौसम हल्का गर्म ही हुआ है। इसके बावजूद जनपद में प्रतिदिन छह से सात ट्रांसफार्मर रोज जल रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि गर्मी बढ़ने पर हालात क्या होंगे।
पिछले वर्ष प्रचंड गर्मी में 17 से 20 ट्रांसफार्मर जल रहे थे। मौसम के जानकार संभावना जता रहे हैं कि इस बार पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक गर्मी पड़ेगी। इसका असर बिजली आपूर्ति और ट्रांसफार्मरों पर भी पड़ सकता है। गर्मी के दिनों में लोड बढ़ने के कारण ओवरहीट होकर ट्रांसफार्मर जलते हैं। गर्मी के दिनों में इलेक्ट्राॅनिक उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ जाता है। एसी, कूलर आदि का इस्तेमाल बढ़ जाता है। जिले में पांच केवीए, 10 केवीए, 25 केवीए, 37.5 केवीए, 50 केवीए, 100 केवीए, 167 केवीए और 1000 केवीए तक के ट्रांसफार्मरों का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं बिजली निगम का दावा है कि गर्मी को देखते हुए तैयारी पूरी कर ली गई है। वर्तमान में बैकअप में 80 ट्रांसफार्मर रखे गए हैं। रौजा वर्कशाॅप के एसडीओ दीपक कुमार ने बताया कि गर्मी के मौसम को लेकर तैयारी पूरी है। बैकअप में अभी 80 ट्रांसफार्मर रखे गए हैं।