गाजीपुर। प्रेम विवाह करने वाली महिलाओं को एक बार फिर मायके वालों की याद आ गई है। एसआईआर फॉर्म भरने के लिए उन्हें दस्तावेजों के लिए मायके से जानकारी चाहिए लेकिन परिजनों की नाराजगी से उन्हें विवरण नहीं मिल रहा। इससे उन्हें एसआईआर फॉर्म भरने में दिक्कत हो रही है। उधर, अधूरा ब्योरा बीएलओ समेत अन्य कर्मचारियों के लिए चुनौती बन रहा है। एसआईआर सर्वे के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां मायके पक्ष ने अपनी ही बेटी से जुड़ी जरूरी विवरण देने से इन्कार कर दिया। इससे न सिर्फ रिश्तों की दरारें उजागर हुईं बल्कि प्रशासन की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। बीएलओ घर-घर जाकर बहुओं का विवरण जुटाए तो हैं, लेकिन प्रेम विवाह में मायके से दूरी बनाने वाली महिलाएं इस प्रक्रिया में सबसे अधिक प्रभावित हैं। नाम न छापने की शर्त पर कुछ बीएलओ ने बताया कि बार-बार कोशिश के बाद भी महिलाओं की जानकारी देने में परिजन झिझक रहे हैं। प्रशासन ने सभी से सहयोग की अपील की है।
केस-एक-कासिमाबाद क्षेत्र में एक युवक और युवती के बीच प्रेम संबंधों की जानकारी हुई और ग्रामीणों ने दोनों को पकड़ लिया गया तो दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया। अब युवती को मायके वालों से ब्योरा लेने की जरूरत पड़ी तो मायके वाले बीएलओ से भी रिकाॅर्ड साझा नहीं कर रहे हैं।
केस-दो-जंगीपुर थाना क्षेत्र की एक युवती ने इसी वर्ष मार्च में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक युवक से शादी की थी। दोनों सात फेरे लेकर शादी के बंधन में बंधे थे। इसके एक माह बाद ही रहे। इसके बाद विवाहिता ने पति को छोड़कर प्रेमी से शादी कर ली। अब उसके ससुरालवालों को उसके मायके के ब्योरे की जरूरत पड़ी तो मायके वाले युवती जानकारी साझा करने से मना कर रहे है।
एसआईआर फॉर्म भरना जरूरी प्रक्रिया है। इसमें सभी मतदाताओं और उनके परिजनों को बीएलओ का सहयोग करना चाहिए। -दिनेश कुमार, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, गाजीपुर।
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