दिलदारनगर जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या- दो स्थित शौचालय का टूटा दरवाजा। संवाद
- फोटो : गुलहरिया गांव से अधारीपुरवा जाने वाला जर्जर मार्ग।
दिलदारनगर। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्थानीय जंक्शन का चयन किया गया है। दो साल पहले प्रधानमंत्री ने जंक्शन के सुंदरीकरण के कार्यों का शिलान्यास किया था। इसके बावजूद जंक्शन की स्थिति बदहाल है। स्टेशन पर एक तरफ विकास कार्य हो रहे हैंं तो दूसरी तरफ कराए गए काम की परतें उखड़ने लगीं हैं। जंक्शन पर कुल पांच प्लेटफॉर्म हैं। इन प्लेटफार्मों पर यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त बेंच नहीं हैं। रेलवे को रोज इस स्टेशन से दो लाख रुपये का राजस्व मिलता है।
प्रतिदिन करीब 9 हजार यात्री यात्रा करते हैं। स्टेशन पर बेहतर यात्री सुविधाओं की बात छोड़िए, जंक्शन पर बुनियादी सुविधाएं तक मुहैया नहीं हैं। जंक्शन के प्रवेश द्वार का मुख्य भवन ही बदहाल है। सुंदरीकरण के तहत हुए कार्य की परतें उखड़ गईं हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन परिसर में दो एटीवीएम (ऑटोमैटिक टिकट वेंडिग मशीन) की व्यवस्था है। इसमें से एक खराब है। दूसरे पर वेंडर की तैनाती नहीं है। इससे जिसे मशीन चलानी नहीं आती है, उनको दिक्कत होती है। प्लेटफाॅर्म एक व दो, तीन पर शौचालय की व्यवस्था है लेकिन, गंदगी से इस्तेमाल करने लायक नहीं है। ऐसे में महिला व बजुर्ग यात्रियों को विशेष परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
दानापुर रेल मंडल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि यात्रियों को सुविधा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। दिलदारनगर को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चयनित भी किया गया है। कमियों को जल्द ही दुरुस्त किया जाएगा।