मरदह गांव में राम राज्याभिषेक की लीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
मरदह। अति प्राचीन रामलीला कमेटी कुटी की ओर से गांव में मंगलवार की रात भगवान श्री राम के वनवास के बाद अयोध्या लौटने व राजपाट संभालने लीला का मंचन किया गया। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष हरेंद्र सिंह ने बताया कि लीला में रावण का वध करने के बाद जब भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी के साथ अयोध्या लौटे, तो पूरे नगर को दीपों से सजाया गया। दीपोत्सव संग दीपावली मनाई गई।
गुरु वशिष्ठ और अयोध्या के संतों की उपस्थिति में प्रभु श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ। राम जी के वनवास जाने के बाद उनके छोटे भाई भरत ने राजगद्दी पर बैठने से इनकार कर दिया था। उन्होंने भगवान राम की चरण पादुकाओं को सिंहासन पर रखकर, एक सेवक की भांति नंदीग्राम से 14 वर्षों तक अयोध्या का राजकाज चलाया था। प्रभु के लौटते ही भरत ने सम्मानपूर्वक राजपाट श्रीराम को सौंप दिया। प्रभु राम के राजा बनते ही अयोध्या में रामराज्य की स्थापना हुई, जहां किसी भी प्रकार का दुख, दरिद्रता, या भेदभाव नहीं था और समस्त प्रजा सुख-समृद्धि से रहने लगी। संवाद