मुहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गौसपुर गंगा घाट पर बुधवार को पूजा पाठ करने गए एक परिवार के आठ लोग एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में डूबने लगे।
नाविकों और वाराणसी से आए युवक ने सात लोगों को बचा लिया लेकिन एक किशोर डूब गया। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों एवं मल्लाहों की मदद से शाम तक किशोर की तलाश की लेकिन सफलता नहीं मिली। नोनहरा थानाक्षेत्र के बेलपथार गांव निवासी उपेंद्र शर्मा चार भाइयों के साथ मध्य प्रदेश के भोपाल में फर्नीचर की दुकान चलाते हैं। छोटे भाई शैलेंद्र की पुत्री का पूजा-पाठ करने के लिए परिवार के सभी सदस्य 11 मार्च को गांव आ गए थे। बीते 18 मार्च को घर पर हरिकीर्तन और सुंदरकांड का पाठ था। सुबह परिवार के अन्य सदस्य और वाराणसी से आए साथी सुरेंद्र यादव के साथ सभी गौसपुर गंगा घाट उपेंद्र शर्मा पहुंचे। वहां पूजा-पाठ की तैयारी चल रही थी।
तभी छोटे भाई का फुफेरा साला अंकित नहाते समय डूबने लगा। यह देख उपेंद्र शर्मा का पुत्र रौनक (15) उसे बचाने के लिए गंगा में कूद गया। दोनों को डूबता देख शैलेंद्र ने भी बचाने के चक्कर में गंगा में छलांग लगा दी और डूबने लगा। तीनों को डूबते देख शैलेंद्र की साली प्रिया, बड़ा भाई उपेंद्र शर्मा और परिवार के सुधीर, कन्हैया और प्रीत भी गंगा में कूद गए और सभी डूबने लगे।
यह देखकर घाट पर मौजूद मल्लाह और वाराणसी से आए सुरेंद्र यादव ने भी गंगा में छलांग लगा दी। सुरेंद्र यादव ने उपेंद्र शर्मा, प्रीत और प्रिया को बचा लिया। जबकि मल्लाहों ने अंकित, शैलेंद्र, सुधीर और कन्हैया को बचाकर बाहर निकाला। हालांकि रौनक का पता नहीं चल पाया। इधर घटना की जानकारी होते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और अधिक पानी पीने से अचेत पड़े उपेंद्र शर्मा को मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा। मुहम्मदाबाद कोतवाल रामसजन नागर ने बताया कि मल्लाहों ने परिवार के अन्य सदस्यों को बचा लिया लेकिन रौनक डूब गया। उसे ढूंढ़ा जा रहा है।