गाजीपुर। जनपद में आठ नगर निकाय हैं। इनमें से सात नगर निकायों में पार्क नहीं है। इसके कारण डेढ़ लाख की आबादी प्रतिदिन सड़कों पर सुबह के समय सैर करती है। वहीं गाजीपुर नगर पालिका में चार पार्क हैं। लेकिन, चारों बदहाली के शिकार हैं।
सैदपुर, सादात, जंगीपुर, बहादुरगंज, मुहम्मदाबाद, जमानिया, दिलदारनगर नगर निकाय में पार्क नहीं है। इसके कारण इन नगर निकायों की आबादी सुबह सड़कों पर टहलने के लिए निकलती है। सड़क पर वाहनों के आवागमन के कारण हमेशा हादसे का डर बना रहता है। पार्क नहीं होने के कारण बच्चों का आउटडोर गेम प्रभावित होता है। वहीं लोग फुर्सत के पल भी बीता नहीं पाते हैं। जबकि पार्क किसी भी नगर निकाय की संपूर्णता का प्रतीक होता है। लेकिन, पार्क की सुविधा न होना लोगों को अखरता है। वहीं गाजीपुर नगर पालिका में चार पार्क हैं। इनमें गांधी पार्क, रविंद्रनाथ टैगौर पार्क, रिवर बैंक व स्वामी विवेकानंद पार्क शामिल है। इन पार्कों में बुनियादी सुविधाओं का टोटा है। किसी पार्क में झूले नहीं हैं, तो किसी पार्क में झूले टूटे हुए हैं। कहीं प्रकाश की समुचित व्यवस्था नहीं है तो कहीं पर पाथ-वे का अभाव। पार्कों की बदहाली स्मार्ट सिटी बनने की राह में रोड़ा बन रही है। सैदपुर नगर पंचायत में पार्क निर्माण के लिए प्रस्ताव ही नहीं भेजा गया है।
बहादुरगंज नगर पंचायत में कुल 13 वार्ड हैं। इन वार्डों में 27 हजार की आबादी रहती है। इतनी बड़ी आबादी होने के बाद भी नगर पंचायत में एक भी पार्क नहीं है। आज के दौर में हर कोई खुद के स्वास्थ्य के लिए फिक्रमंद है। ऐसे में पार्क न होने के कारण लोग खतरा उठाकर सड़कों पर टहलते हैं। सड़कों पर टहलने के कारण लोगों को ध्वनि व वायु प्रदूषण से भी दो-चार होना पड़ता है।
गाजीपुर नगर पालिका में 25 वार्ड हैं। इन वार्डों में पौने दो लाख की आबादी रहती है। लोगों की सहूलियत के लिए चार पार्क हैं। लेकिन, सभी पार्क सुविधाओं की कमी के मार से जूझ रहे हैं। सबसे खराब स्थिति रिवर बैंक कॉलोनी पार्क का है। रिवर बैंक कॉलोनी पार्क में झूले ही नहीं हैं। इसके कारण पार्क में आने वाले आसपास के बच्चे मन मसोस कर रह जाते हैं।
सैदपुर नगर पंचायत में पार्क के निर्माण के लिए शासन को कोई प्रस्ताव अभी नहीं भेजा गया है। इसको लेकर विचार किया जाएगा। - रामेश्वर सुधाकर सब्बड़वाल, सैदपुर एसडीएम