गाजीपुर। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में जितने मतों के अंतर से जीतकर सात जनप्रतिनिधि सदन पहुंचे थे, एसआईआर में उससे कई गुना ज्यादा वोटर के नाम मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं। इसमें कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर भी शामिल हैं। उनकी सीट से 53,759 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। सबसे ज्यादा मोहम्मदाबाद से 74,063 तो सबसे कम सैदपुर से 36,365 नाम सूची से बाहर हुए हैं। यह स्थिति मौजूदा जनप्रतिनिधियों की जीत की गणित के साथ 2027 के चुनावी समीकरणों को भी काफी हद तक प्रभावित करेगी।
प्रदेश सरकार के पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने 2022 में जहूराबाद से 45,632 मतों से जीत दर्ज की थी, जबकि एसआईआर में इस विधान सभा क्षेत्र से 53,759 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। यानी कटे मतों की संख्या उनकी जीत के अंतर से ज्यादा है।
वहीं, गाजीपुर सदर सीट पर स्थिति और भी संवेदनशील मानी जा रही है। सपा विधायक जै किशन साहू ने पिछले चुनाव में महज 1,692 मतों से जीत दर्ज की थी, जबकि एसआईआर में यहां 63,623 मतदाता संदिग्ध पाए गए हैं। इस कारण इनके नाम सूची से काट दिए गए हैं।
जखनियां विधान सभा में भी ऐसी ही स्थिति है। सुभासपा विधायक बेदीराम ने 36,865 मतों से पिछला चुनाव जीता था लेकिन यहां 55,369 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। सैदपुर से सपा विधायक अंकित भारती 36,365 मतों से विजयी हुए थे, जबकि यहां 48,867 मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं। जमानियां सीट से सपा विधायक व पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने 22,456 मतों से जीत हासिल की थी, लेकिन एसआईआर में 60,162 मतदाताओं के नाम कट गए हैं। मोहम्मदाबाद विधानसभा में सपा विधायक सुहैब उर्फ मन्नू अंसारी 18,559 मतों से जीते थे, जबकि यहां 74,063 वोटर कट गए हैं। जंगीपुर से सपा विधायक वीरेंद्र कुमार यादव ने 35,063 मतों से जीत दर्ज की थी, लेकिन एसआईआर में 52,846 मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं।
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विस क्षेत्रों पर कटे मतदाताओं के नाम
जहूराबाद-
जीत का अंतर: 45,632
कटे मतदाता: 53,759
गाजीपुर सदर-
जीत का अंतर: 1,692
कटे मतदाता: 63,623
जखनियां-
जीत का अंतर: 36,865
कटे मतदाता: 55,369
सैदपुर-
जीत का अंतर: 36,365
कटे मतदाता: 48,867
जमानियां -
जीत का अंतर: 22,456
कटे मतदाता: 60,162
मोहम्मदाबाद-
जीत का अंतर: 18,559
कटे मतदाता: 74,063
जंगीपुर-
जीत का अंतर: 35,063
कटे मतदाता: 52,846
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शहर के लोग गांवों के मूल निवासी हैं और एसआईआईआर के दौरान वे गांवों में मतदाता बन गए है। इससे चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा। -जै किशन साहू, विधायक, गाजीपुर सदर।
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एसआईआर और चुनाव दोनों अलग-अलग मामले हैं। मतदाताओं के नाम कटने से सभी राजनीतिक दलों पर प्रभाव पड़ेगा। - वीरेंद्र यादव, विधायक, जखनिया।
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मुहम्मदाबाद में जो नाम काटे गए हैं, वे मेरे मतदाता नहीं है। भाजपा को मिले मतों में से लगभग 20 हजार वोट कम हुए हैं। इसलिए 2027 के चुनाव में मेरी जीत का अंतर पिछले चुनाव से दो गुना हो जाएगा। - सुहैब उर्फ मन्नू अंसारी, विधायक मोहम्मदाबाद।
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एसआईआर में उन्हीं के नाम कटे हैं, जो बाहर रहते हैं। उनके नाम दो-दो जगह थे। कुछ लोगों का निधन हो गया है। इससे मेरे चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा। - बेदीराम, विधायक, जखनियां।
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एसआईआर में मतदाताओं के नाम कटने से सभी दलों पर असर पड़ेगा। बेरोजगारी और महंगाई के चलते लोग भाजपा से नाराज हैं। इसका लाभ सपा को मिलेगा। - अंकित भारती, विधायक सैदपुर।
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एसआईआर का मेरे चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। मेरे सारे मतदाता सुरक्षित हैं। भविष्य में बड़े अंतर से जीत दर्ज करेंगे। - ओमप्रकाश सिंह, विधायक, जमानिया।