गाजीपुर। बिजली चोरी रोकने के लिए विद्युत निगम की कोई प्रयास कारगर नहीं साबित हो रहा। घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। वहीं, लोड पता करने के लिए ट्रांसफाॅर्मरों पर भी स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं।
इसके बावजूद बिजली चोरी नहीं रुक रही है। छह महीने में जनपद में 1120 बिजली चोरी के मामले प्रकाश में आए हैं। साथ ही 4.10 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया गया है।
जनपद में बिजली निगम के लिए बिजली चोरी काफी समय से परेशानी का सबब बना हुआ है। बिजली चोरी रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के साथ ही चेकिंग अभियान भी चलाया जाता है।
यहां तक कि अब ट्रांसफार्मरों पर भी स्मार्ट मीटर लगाने का निर्णय ले लिया गया है। ट्रांसफार्मरों पर स्मार्ट मीटर लगाने के पीछे की मंशा है कि संबंधित क्षेत्र में ओवरलोड यानि चोरी से बिजली जलाने की सूचना मिल सके।
इसके बावजूद बिजली चोरी के मामलों पर विराम नहीं लग पा रहा है।
16 महीने से जनपद में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य चल रहा है। इसके बाद भी छह महीने में बिजली चोरी के 1120 मामले प्रकाश में आए हैं। बिजली निगम के अधिशासी अभियंता पीके तिवारी ने बताया कि बिजली चोरी रोकने के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। जो लोग कटिया कनेक्शन के माध्यम से बिजली उपभोग करते हैं, उनके खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।