एक अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष 2025-26 की शुरुआत के साथ कई अहम बदलाव होने जा रहे हैं। इन बदलावों का टैक्स के क्षेत्र में आम आदमी पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। एक अप्रैल से नगर में स्वकर प्रणाली लागू होने जा रही है। टोल टैक्स बढ़ने के साथ टैक्स स्लैब में बदलाव भी होगा।
नगर पालिका प्रशासन ने आपत्तियों का निस्तारण करते हुए गजट का अंतिम प्रकाशन कर दिया है। इससे स्वकर लागू होने का रास्ता साफ हो गया है। माना जा रहा है कि अब तक के परंपरागत टैक्स के मुकाबले लोगों को स्वकर के जरिये अधिक टैक्स चुकाना पड़ेगा। इसका सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ेगा। शहर के 25 वार्डों के 19 हजार घरों में करीब डेढ़ लाख की आबादी रहती है। इनमें से अधिसंख्य मध्यमवर्गीय और गरीब तबके के लोग हैं। ऐसे में स्वकर का भुगतान करना उनके लिए चुनौती से कम नहीं है। अधिक टैक्स भुगतान के कारण शासनादेश होने के बाद भी यह मामला लंबे समय तक अटका रहा। लेकिन, अब नगर पालिका क्षेत्र में इसके लागू होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। वहीं नए टैक्स स्लैब के तहत सालाना 12 लाख रुपये तक कमाने वाले लोगों को टैक्स भुगतान से छूट दी जाएगी। इसके अलावा, वेतनभोगी कर्मचारी 75,000 रुपये की स्टैंडर्ड डिडक्शन के लिए पात्र होंगे।