उप जिलाधिकारी कासिमाबाद अश्वनी पांडेय के द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करने का मामला प्रकाश में आया है। जिसके बाद नाराज कार्यकर्ताओं ने सोमवार को धरना प्रदर्शन करते हुए निलंबन के साथ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। करीब पांच घंटे बाद मौके पर पहुंचे मुख्य राजस्व अधिकारी सुशील लाल श्रीवास्तव द्वारा जिलाधिकारी से वार्ता कर तीन दिन के अंदर कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिए जाने के बाद धरना समाप्त किया गया।
धरना का नेतृत्व कर रहे भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष विश्व प्रकाश अकेला ने बताया कि सोमवार की दोपहर में पिछड़ा वर्ग के जिला महामंत्री संतोष कुशवाहा और वरिष्ठ नेता नंदा राजभर के साथ बड़ागांव निवासी सिकंदर राजभर को लेकर उप जिलाधिकारी अश्वनी पांडेय से मिलने गए। मिलकर उनसे सिकंदर राजभर की बड़ागांव स्थित काश्तकारी में आवंटित प्रधानमंत्री आवास निर्माण को रोकने के संबंध में जानकारी मांगी गई। इसी के बाद उप जिलाधिकारी अश्वनी पांडेय सभी कार्यकर्ताओं पर उखड़ गए और गाली देते हुए होमगार्ड का लाठी छीन कर परिसर छोड़ देने को कहा। यह बात सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को नागवार गुजरी और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।
धरना में जिले के वरिष्ठ नेता श्याम राज तिवारी, जिला पंचायत सदस्य राजकुमार सिंह झाबर, ब्लाॅक प्रमुख मनोज गुप्ता सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल होकर उप जिलाधिकारी अश्वनी पांडेय के खिलाफ अभद्र व्यवहार किए जाने को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने के साथ तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने एवं कासिमाबाद से तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग करने लगे। हालांकि, धरना प्रदर्शन 12 बजे दिन में प्रारंभ हुआ और शाम को 5 बजे शाम पहुंचे मुख्य राजस्व अधिकारी सुशील लाल श्रीवास्तव के तीन बार पार्टी कार्यकर्ताओं से बात कर धरना समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन भाजपा नेताओं के अड़ियल रुख के कारण बातचीत विफल रही। अंत में मुख्य राजस्व अधिकारी ने टेलीफोन के माध्यम से जिलाधिकारी आर्यका अखौरी से वार्ता कर मुख्य राजस्व अधिकारी ने तीन दिन के अंदर कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिलाया। तब जाकर धरना समाप्त हुआ।
भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप था कि उप जिलाधिकारी की सर्विस कम समय की होने के बाद भी वह बिना पैसे का कोई काम नहीं कर रहे है। पूरे क्षेत्र में इनकी वसूली चर्चा का विषय बनी हुई है। वहीं, धरना प्रदर्शन में प्रमुख रूप से भाजयुमो के जिलाध्यक्ष विश्व प्रकाश अकेला, वरिष्ठ नेता नंदा राजभर, श्याम नारायण सिंह, मोति बिंद, पिछड़ा वर्ग के जिला महामंत्री संतोष कुशवाहा, मंडल कासिमाबाद के महामंत्री आनंद पांडेय नीरज, सौरभ सिंह, अमरनाथ शर्मा, मनीष तिवारी, मासूम हैदर आदि उपस्थित रहे। इधर, उप जिलाधिकारी अश्वनी पांडेय से बात किया गया तो उन्होंने बताया कि किसी के साथ अभद्र व्यवहार नहीं किया गया है। बड़ागांव स्थित जिस अराजी पर प्रधानमंत्री आवास बनाने की बात कही जा रही है। वह व्यक्ति पहले से उस भूमि की बिक्री के लिए पैसा लिया हुआ है। उसके लिए पंचायत भी हुई थी, लेकिन वह अब पंचायत मानने से इंकार कर रहा है। इस भूमि पर दोनों पक्षों में मारपीट भी हुई है। इसलिए वहां पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों को निर्माण कार्य से रोकना जरूरी है।
(फोटो भी)