परिषदीय विद्यालयों में स्कूल चलो अभियान इस बार चार चरणों में चलाया जाएगा। पहली अप्रैल से शुरू होने वाले नवीन शैक्षिक सत्र में बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने के लिए 30 मार्च से 30 अप्रैल तक की अवधि में संपूर्ण प्रदेश में स्कूल चलो अभियान चलाया जाएगा। अभियान का पहला चरण 30 अप्रैल को पूरा होगा।
नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 द्वारा 6-14 वर्ष तक के प्रत्येक बालक-बालिका को नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का संवैैधानिक अधिकार प्रदान किया गया है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए 6-14 उम्रवय वर्ग के सभी बच्चों को विद्यालय में नामांकित कराकर शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए स्कूल चलो अभियान चलाया जा रहा है। चार चरणों में चलाए जाने वाले अभियान के पहले चरण के बाद नव नामांकित बच्चों की ट्रैकिंग एवं उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दूसरे चरण में ग्रीष्म अवकाश के बाद पहली जुलाई से अभियान चलेगा।
तीसरे चरण में दीपावली के अवकाश के बाद पहली नवंबर से तथा अंतिम चरण में पहली जनवरी से अभियान संचालित कर सत्र समाप्ति तक बच्चों की उपस्थिति पर ध्यान रखा जाएगा। इसके अलावा स्कूल कैलेंडर का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य परियोजना निदेशक की तरफ से 30 मार्च को छात्र-छात्राओं के लिए विद्यालय उत्सव के आयोजन के साथ-साथ स्कूल चलो अभियान का प्रारंभ हर्षोल्लास के साथ पर्व की तरह करने का निर्देश दिया गया है। उपस्थित बच्चों की कक्षावार फोटोग्राफ, शिक्षक, अभिभावकों एवं विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों के साथ कराई जाएगी। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी चन्द्रकेश सिंह यादव की ओर से पहली अप्रैल से स्कूल चलो अभियान को शुरू करने का निर्देश दिया गया है।
नवीन शैक्षिक सत्र 2016-17 में दाखिले के लिए 30 मार्च से 30 अप्रैल तक स्कूल चलो अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत ब्लाक स्तर, वार्ड, तहसील एवं विद्यालय स्तर पर रैली, मेला, प्रभातफेरी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शिक्षक घर-घर अभियान चलाएंगे।
परिषदीय विद्यालयों में 30 मार्च को वार्षिक परीक्षा के परिणाम घोषित होंगे। समारोहपूर्वक बच्चों को रिजल्ट बांटा जाएगा। मेधावी एवं नियमित उपस्थिति वाले छात्र-छात्राओं, नियमित रूप से उपस्थित रहने वाले एवं अच्छा कार्य करने वाले अध्यापकों, विद्यालय में सक्रिय योगदान देने वाले विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों तथा मध्याह्न भोजन तैयार करने वाले रसोइयों को उनके कार्य की सराहना करते हुए सम्मानित कर उन्हें अभिप्रेरित किया जाएगा।