गाजीपुर। बिरनो पुलिस ने मंगलवार को नौ सत्याग्रही पदयात्रियों को जनपद की सीमा में घुसते ही गिरफ्तार कर लिया। सभी का शांतिभंग में चालान कर दिया। ये लोग नागरिक सत्याग्रह पदयात्रा चौरीचौरा से शुरू कर गाजीपुर के रास्ते दिल्ली के राजघाट जा रहे थे। पदयात्रियों ने बताया कि नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में यह यात्रा निकाली गई है। इसका उद्देश्य कानून वापस लेने और देश में अमन चैन बनाए रखने की अपील करना है।
गिरफ्तार किए जाने वाले पदयात्रियों में प्रियेश पांडेय, अतुल यादव, मुरारी कुमार, मनीष शर्मा, प्रदीपिका सारस्वत, शेषनारायण ओझा, नीरज राय, अनंत प्रकाश शुक्ला और राज अभिषेक शामिल हैं। पदयात्रियों ने बताया कि यह यात्रा चौरीचौरा से इसलिए निकाली गई क्योंकि यह वो जगह ह्रै, जहां 1922 में अंग्रेजों के खिलाफ हुई हिंसा के कारण गांधी ने असहयोग आंदोलन वापस ले लिया था। पदयात्रियों का कहना था कि तीन-चार दिनों से पुलिस उनके आसपास मंडरा रही थी। उनसे यात्रा को लेकर सवाल जवाब भी किए जा रहे थे। प्रदीपिका एक लेखक और पत्रकार हैं। उन्होंने गिरफ्तार होने से पहले फेसबुक पेज पर भी लिखा है कि ‘कल शाम से लोकल इंटेलीजेंस और पुलिस हम लोगों के आसपास चक्कर काट रही है। हमारी तस्वीरें खींच रही है, वीडियो बना रही थी। पुलिस हमारे साथ कुछ भी कर सकती है। मरदह और बिरनो थाने के मध्य पदयात्रियों के पहुंचते ही बिरनो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पदयात्रियों का कहना है कि नागरिकता संशोधन कानून लागू होने के बाद देश की आम जनता नागरिकता रजिस्टर, परिचय पत्र, जन्म प्रमाण पत्र आदि कागजात की जद्दोजहद में फंस गई है। सरकार रोजी रोजगार देने में फेल है। एसडीएम सदर ने बताया कि इन लोगों ने पदयात्रा के लिए अनुमति नहीं ली थी। उनका कहना था कि 151और 107/16 के तहत गिरफ्तारी कर मामले में जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
सत्याग्रह पदयात्रा चौरीचौरा से चलकर गाजीपुर पहुचे पदयात्रियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार।- फोटो : GHAZIPUR