गाजीपुर। सीएससी ई गवर्नेस सर्विस के तहत जिले में सातवीं आर्थिक गणना का कार्य आरंभ कर दिया गया है। इस बार की आर्थिक गणना में न केवल मोबाइल ऐप का सहयोग लिया जा रहा है, बल्कि इसमें आईटी आधारित डिजिटल प्लेटफार्म भी इस्तेमाल में लाया जा रहा है। सांख्यिकी विभाग की माने तो इस कार्य में कुल 456 सुपरवाइजर समेत 2190 प्रगणक लगाए गए हैं। छह लाख 33000 आर्थिक गणना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसे हर हाल में 31 मार्च 2020 तक पूरा करना है। गणना का कार्य नए साल में पहले हफ्ते से आरंभ कर दिया गया है। अब तक 215 ग्राम पंचायतों से करीब एक लाख 62000 परिवारों की गणना पूरी कर ली गई है।
जिले में संचालित कॉमन सर्विस केंद्र संचालकों की ओर से शुरू की गई सातवीं आर्थिक गणना के कार्यों की समीक्षा निरंतर चल रही है। जिला प्रबंधक शिवानंद उपाध्याय ने बताया कि सातवीं आर्थिक गणना में आंकड़े जुटाने, उनके प्रमाणीकरण, रिपोर्ट तैयार करने और इनके प्रसार के लिए आईटी आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जा रहा है। सातवीं आर्थिक गणना का कार्य जनपद में आरंभ किया जा चुका है। इस बार यह कार्य कॉमन सर्विस केंद्रों के माध्यम से एक विशेष मोबाइल ऐप द्वारा किया जाएगा।
बताया कि आर्थिक गणना में परिवारों के उद्यमों, गैर-जोत कृषि और गैर-कृषि क्षेत्र में वस्तुओं/सेवाओं (स्वयं के उपभोग के अलावा) के उत्पादन एवं वितरण की गणना की जाएगी। इस कार्य को संपन्न करने के लिए कुल 456 सुपरवाइजरों एवं 2190 गणनाकारों को लगाया गया है। इन्हें आर्थिक गणना में लगाने से पूर्व ही जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित कर गणना के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है। जिले में सातवीं आर्थिक गणना के सफल क्रियान्वयन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी भी गठित की गई है। जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी को इस परियोजना का नोडल बनाया गया है। कार्यदायी संस्था सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के राज्य स्तरीय प्रतिनिधि आशुतोष सिंह ने आर्थिक गणना के कार्य की बारीकियों को बताते हुए कहा कि इसी गणना के आंकड़ों के आधार पर ही सरकारों की तरफ से जनोपयोगी योजनाओं को तैयार किया जाता है। सीएससी की तरफ से जिले में तीन जिला प्रबंधकों की नियुक्ति की गई है। अब तक कुल 215 ग्राम पंचायतों का सर्वे कार्य किया जा चुका है। जिसमें एक लाख 62000 लोगों की आर्थिक गणना की जा चुकी है।