योजनाओं का लाभ नहीं मिलने और समस्याओं का निस्तारण नहीं होने से नाराज बड़ी संख्या में दृष्टिहीनों और नि:शक्तजनों ने बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया। किसी सक्षम अधिकारी के न पहुंचने पर
नि:शक्तों ने डीएम कार्यालय के सामने फर्श पर लेट कर धरना दिया। धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने समस्याओं पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगते हुए पत्रक लेने पहुंचे कई अफसरों को लौटा दिया।
जिले के दृष्टिहीन और नि:शक्तजन प्रत्येक बुधवार को अपनी समस्याओं से जिला प्रशासन को अवगत कराते हैं। पिछले छह बुधवार को दी गई अर्जियों में कार्रवाई न होने पर सातवें बुधवार को नि:शक्तजनों का गुस्सा फूट पड़ा।
सैकड़ों की संख्या में नि:शक्त जिलाधिकारी से पूर्व की शिकायतों का हिसाब मांगने के लिए सरजू पांडेय पार्क में जुटे। यहां से वे जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते डीएम कार्यालय पहुंचे। किसी सक्षम अधिकारी के न पहुंचने पर
नि:शक्तों ने डीएम कार्यालय के सामने फर्श पर लेट कर धरना दिया। पिछली अर्जियों पर हुई कार्रवाई का जवाब न देने पर पत्रक लेने आए प्रशिक्षु अतिरिक्त एसडीएम अमरेन्द्र मौर्या, तहसीलदार सदर, एसडीएम सदर अरुण सिंह,
जिला विकलांग अधिकारी राजेश मिश्र को वापस कर दिया। करीब ढाई बजे अतिरिक्त एसडीएम संजय पांडेय एवं जिला विकलांग अधिकारी राजेश मिश्र ने मौके पर पहुंचकर बताया कि पीड़ितों की शिकायतों को दूर करने के लिए
पत्र लिखे गए हैं। निस्तारण न होने पर दोषी लोक सेवकों पर कार्रवाई की जाएगी। ब्रजभूषण दुबे ने कहा कि अब तक 20 दर्जन से अधिक शिकायतें हुई हैं जिसपर कार्रवाई नहीं की गई। कहा कि नि:शक्तों की लड़ाई सड़क से लेकर
उच्च न्यायालय तक लड़ी जाएगी। इस दौरान अनिल खरवार, उमाकान्त, रवि राजभर, रामरूप, सुनीता, मुन्नी देवी, विमला, सुभाष यादव, प्यारेलाल, रिंकू पाल सहित 38 नि:शक्तों ने फरियाद की। इस मौके पर प्रमोद यादव,
ओंकार नाथ मिश्रा, उमेश श्रीवास्तव, गुल्लू सिंह यादव, रूद्रेश निगम, जावेद अहमद, शिव चरन यादव, अनूप मिश्रा, वंशराज यादव, विनय सिंह, कमला यादव, पप्पू गुप्ता, अशोक चौधरी, राजेश राजभर, पंकज यादव, कन्हैया सिंह,
राम विजय यादव, प्रशान्त सिंह, हनुमान बिन्द, कमलेश यादव, जिला पंचायत सदस्य उमेश कन्नौजिया आदि मौजूद रहे।