उत्तर प्रदेश कर्मचारी-शिक्षक समन्वय समिति के बैनर तले कर्मचारियों ने बुधवार को विकास भवन में कार्य बहिष्कार कर हक के लिए आवाज उठाई। मकान किराया एवं नगर प्रतिकर भत्ता देने, पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने समेत 19 सूत्री मांगों को लेकर कर्मचारियों ने धरना दिया।
धरना सभा की अध्यक्षता कर रहे समिति के जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार यादव ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार कर्मचारी-शिक्षक ही नहीं बल्कि छात्र, नौजवान और किसान-मजदूर विरोधी है। कई मांगों पर सहमति जताकर भी
वादाखिलाफी कर रही है। समिति के लोग सरकार की वादाखिलाफी बर्दाश्त नहीं करेंगे। समिति के जिला संयोजक सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रांत की सरकार कर्मचारियों-शिक्षकों की लंबे संघर्षों से प्राप्त सुविधाओं में कटौती
कर उनके साथ अन्याय कर रही है। समिति के लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि हक के लिए आवाज बुलंद की जाएगी। महिला महासंघ की अध्यक्ष वृंदा सिंह ने कहा कि मांगों को लेकर निर्णायक संघर्ष के लिए कर्मचारी-शिक्षक
तैयार रहें। अन्य वक्ताओं ने कर्मचारियों से एकजुट होकर सरकार को अपनी ताकत का अहसास कराने की अपील की। अंत में प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि नायब तहसील नुपुर सिंह को
सौंपा गया। इस दौरान शिक्षक नेता विनोद सिंह के घर की गई पुलिस कार्रवाई की निंदा की गई। दो मिनट मौन रहकर पूर्व राष्ट्रपति को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। धरना सभा में अभयराज सिंह, सर्वजीत यादव, ओमप्रकाश यादव,
सौरभ पांडेय, शिवकुमार सिंह, अनंत सिंह, प्रमोद उपाध्याय, नरेन्द्र सिंह, गायत्री पाठक, विनोद सिंह, गोपालराम खरवार, रामनगीना यादव, ईश्वर यादव, विजयशंकर राय, मनोज राय, जितेन्द्र सिंह, राजेन्द्र तिवारी, डा. दुर्गेश
सिंह, नारायण उपाध्याय, संजय दुबे, अवधेश पांडेय, जयप्रकाश पांडेय, इसरार अहमद, हरेन्द्र यादव, संतोष कुशवाहा, संजय यादव, विश्वासमणि, प्रकाशचन्द्र दुबे ने विचार व्यक्त किया। संचालन राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अंबिका प्रसाद दुबे ने किया।