रविवार को देर शाम आंधी-पानी से कई जगहों पर भारी बर्बादी हुई है। कहीं आम का पेड़ गिर गया तो कहीं बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई। वहीं बिजली गिरने से भांवरकोल थाने के कनूआन मठिया निवासी एक व्यक्ति की मौत हो गई। सोमवार को भी दोपहर बाद बादलों के बीच सूर्य की लुका-छिपी का खेल जारी रहा।भांवरकोल प्रतिनिधि के मुताबिक थाना क्षेत्र के कनूआन मठिया गांव के पास रविवार की देर रात नर्सरी की सिंचाई कर रहे सत्येंद्र राजभर (25) बिजली गिरने से गंभीर रूप से झुलस गया।
परिवार के लोग उसे कोटवा नारायनपुर एक निजी चिकित्सक के पास ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। जमानिया प्रतिनिधि के मुताबिक रविवार को देर रात बिजली गिरने से क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ है। जमानिया स्थित उप डाकघर में तकनीकी खराबी आ गई है। जिससे सोमवार को पूरे दिन काम काज ठप रहा। घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है। हालांकि उप डाक विभाग के प्रभारी सुभाष चंद्र गुप्त ने बताया कि कार्य आरंभ होने में अभी एक-दो दिन लग सकता है।
सुहवल प्रतिनिधि के मुताबिक रविवार की देर शाम आई तेज आंधी व पानी के चलते ढढ़नी और बेटाबर गांव के मध्य 33 हजार हाईटेंशन विद्युत पोल और तार पर आम का विशाल पेड़ गिर गया। इससे जमानियां विद्युत उपकेंद्र से तीन सब स्टेशनों ढढ़नी, सुहवल एवं रेवतीपुर को होने वाली विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। इससे क्षेत्र के सैकड़ों गांव अंधेरे में डूब गए हैं। इसके चलते इन गांवों में बिजली-पानी को लेकर हाहाकार मच गया है। विद्युत आपूर्ति ठप होने से क्षेत्र के ढढ़नी, सोनहरियां, फुल्ली, भुवालचक, चवरी, घाटमपुर, सोनवल, खजुहां, मेदिनीचक नंबर एक एवं दो, मलसा, अंधियारा, सुहवल, मेदिनीपुर, ताड़ीघाट, कालूपुर, सुजानपुर, बवाड़ा, पटकनियां, युवराजपुर, हरिश्चन्द्रपुर, डेढ़गांवा, पकड़ी, रेवतीपुर, टौंगा, उधरनपुर, तिलवां, गोपालपुर, रामपुर, उत्तरौली, नवली, त्रिलोकपुर, कल्यानपुर सहित कई दर्जन गांवों में अंधेरा छा गया है।
बिजली ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पानी टंकियों के साथ दर्जनभर राजकीय नलकूप, निजी नलकूपों के ठप होने से खेतों में सिंचाई न होने से फसलों कि बुआई का काम भी ठप हो गया है। इससे किसान चिंतित नजर आ रहे हैं। धान कि नर्सरी डालने को लेकर किसानों को निजी डीजल पंप से महंगे दाम पर खेत में सिंचाई के लिए किसी तरह पानी उपलब्ध हो पा रहा है। यही नहीं लोगों के मोबाइल, टीवी शोपीस बन गए हैं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि इस तरह के फाल्ट आए दिन होते रहते हैं। तार से लेकर खंभे जर्जर हो चुके हैं, लेकिन विभागीय स्तर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
जर्जर विद्युत तार की चपेट में आकर कई लोग जान गंवा चुके हैं। इस संबंध में विद्युत विभाग खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता एसएन मौर्या ने बताया कि हाईटेंशन विद्युत खंभा-तार में तकनीकी फाल्ट को दूर करने का प्रयास जारी है। उन्होंने देर रात तक आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद जताई।