गाजीपुर। जनपद में कोरोना मरीजों की तादाद बढ़ती जा रही है। पिछले पांच दिनों में कुल 44 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इसके साथ ही जिले में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 71 तक पहुंच गई है। अब तक सात कोरोना मरीजों को ठीक किया जा चुका है। वर्तमान में 64 मरीजों का इलाज वाराणसी और जौनपुर में चल रहा है। दिनों दिन बढ़ रहे कोरोना संक्रमण से नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग भयभीत है। जिला प्रशासन जरूरत के हिसाब से हॉटस्पॉट का चयन कर रहा है। सभी को मास्क और सैनिटाइजर के साथ घर से निकलने की चेतावनी दी जा रही है। बाजार और दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कहा गया है। बावजूद जगह-जगह इसकी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। लोग बिना मास्क के भी बाजारों में पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो शुक्रवार को कुल 75 संदिग्ध कोरोना मरीजों का सैंपल जांच के लिए भेजा गया। अब तक 1908 लोगों की सैंपलिंग की जा चुकी है। इसमें 259 लोगों की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। अभी तक जांच में 71 लोग पॉजिटिव मिले हैं। 1499 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
जिले में पिछले दो अप्रैल 2020 को पहला जमाती कोरोना पाजिटिव मिला था। इसके बाद तीन जमाती समेत कुल छह लोग कोरोना संक्रमित मिले। फिर कुछ दिनों तक मरीजों के मिलने का सिलसिला बिल्कुल थम सा गया। इसके बाद प्रवासी मजदूरों का जनपद में आना शुरू हो गया। इसी बीच नौ मई को मुंबई से आया एक मजदूर पाजिटिव मिला। फिर निरंतर कोराना संक्रमितों के मिलने का क्रम जारी है। पिछले पांच दिनों से प्रतिदिन कोरोना को मरीज मिले हैं। 17 मई को सात, 18 मई को एक, 19 मई को सात, 20 मई को 18 तथा 21 मई को 11 कोरोना मरीज मिले हैं। मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने के कारण जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा चिंतित है। जिलाधिकारी ने उन गांवों को हाट स्पाट बनाया है, जहां कोरोना संक्रमित आने के बाद अपने घर तथा गांव में रूका है। जबकि उन गांवों को इससे दूर रखा गया है, जिससे मरीज का संपर्क नहीं रहा है। वह आने के बाद भी गांव और घर से दूर रहा है।
जनपद की सीमाओं पर इन दिनों प्रवासी मजदूरों की सघन चेकिंग की जा रही है। उनका रजिस्ट्रेशन के बाद उन्हें जिले में प्रवेश करने दिया जा रहा है। बाहर से आने वाले प्रवासियों का स्वोस्थ्य परीक्षण करने के बाद सही पाए जाने पर होम क्वारंटीन तथा स्वास्थ्य सही न मिलने पर आइसोलेेशन वार्ड में रखा जा रहा है। इन दिनों करीब 9000 से अधिक प्रवासियों को होम क्वारंटीन किया गया है। इनमें से संदिग्ध लोगों को रेलवे ट्रेनिंग सेंटर में रखा गया है। अब तक कुल 22 हाट स्पाट बनाए गए हैं। इन हॉटस्पाट क्षेत्रों में लोग घरों में कैद हैं। किसी भी व्यक्ति के आने-जाने पर पूरी तरह रोक है। जरूरी काम के बिना गांव में प्रत्येक गतिविधि पर रोक लगा दी गई है। इनमें से कुछ गांवों को सैनिटाइज किया जा रहा है। लोगों की स्क्रीनिंग और सैंपलिंग का कार्य भी स्वास्थ्य विभाग की टीम तेजी से कर रही है।