गाजीपुर। कोरोना महामारी से जूझ रहे जिला प्रशासन ने जिले में सख्ती बढ़ा दी है। शहर में छूट के बाद भी चार हॉटस्पॉट जोन से बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। ग्रामीण इलाके में अब चहल-पहल दिखाई देने लगा है। बुधवार को ज्यादातर दुकानें खुलीं। उधर तीन दिन तक कोरोना संदिग्धों की सैंपलिंग बंद रहने के बाद आदेश मिलते ही जिले में कुल 68 लोगों के सैंपल लिए गए। यह सभी लोग कोरोना मरीजों के इर्द-गर्द तथा बाहर से आए लोगों में शामिल हैं। इसी प्रकार मंगलवार की देर रात 49 लोगों की रिपोर्ट वाराणसी से आई। जिसमें सभी निगेटिव पाए गए। जिले में अब तक 756 लोगों की सैंपलिंग की जा चुकी है तथा 227 लोगों की रिपोर्ट आनी अब भी बाकी है। पहले मिले कोरोना के छह पाजिटिव मरीजों को ठीक किए जाने के बाद अब निरंतर निगेटिव रिपोर्ट आने से जनपदवासियों को राहत मिली है। खुद को खतरे से मुक्त मान रहे हैं। जानकारों का यह भी कहना है कि अगर एक सप्ताह में कोई नया मरीज नहीं मिला तो गाजीपुर को ग्रीन जोन में डाला जा सकता है। उधर जिला प्रशासन अब भी सजग और सतर्क है। क्योंकि पड़ोसी जनपद वाराणसी में प्रतिदिन नए मरीज मिलने से डर बना हुआ है।
बीएचयू लैब में एक महिला स्वास्थ्य कर्मी के कोरोना संक्रमित होने से तीन दिनों तक सैंपल की जांच और रिपोर्ट का काम बंद कर दिया गया था। इसके बाद जनपद का सैंपल गोरखपुर भेजा जाने लगा। वहां भी ओवरलोडिंग होने के कारण नए सैंपल भेजा जाना बंद हो गया। मंगलवार की देर शाम फिर नई सैंपलिंग किए जाने के बाबत आदेश आने पर प्रशासन की ओर से कोरोना के संदिग्ध मरीजों तथा उनसे मिलने-जुलने वालों, क्वारंटीन गए लोगों आदि की पहचान की गई थी। देर शाम से ही स्वास्थ्य विभाग की टीम इनकी सैंपलिंग में लग गई। मालूम हो कि जिले में अब तक कोराना के छह मरीज मिले थे। इसमें से चार बाहरी जमाती थे जबकि एक मरीज दिलदारनगर का तथा एक गाजीपुर शहर की महिला थी। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से काफी सतर्कता बरती जाने लगी और सैंपलिंग का जोरशोर से किया गया। अभी जिले में बाहरी लोगों के आने का सिलसिला बना हुआ है। पहले चरण में सभी की स्क्रीनिंग की जा रही है तथा संदिग्ध पाए जाने पर उनके सैंपल भी लिए जा रहे हैं। फिलहाल दो सप्ताह से कोई नया केस नहीं आया है। अगर यही हाल रहा तो गाजीपुर को जल्द ही ग्रीन जोन में डाला जा सकता है।
सीएमओ डॉ. जीसी मौर्या ने बताया कि जिले की स्थिति बहुत बेहतर है। अभी सभी को लॉकडाउन का पालन करना चाहिए। बिना मास्क के बाहर नहीं निकलना चाहिए। बुधवार को ग्रामीण इलाके के ज्यादातर बाजारों में चहल-पहल दिखाई देने लगा था। जरूरत की सभी दुकानें सुबह से शाम तक खुली रही। ऐसे में लोग अपना सामान आसानी से लेने पहुंचे।